अवैध हथियारों का असलहा। सोशल मीडिया
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह से पूर्व चाक चौबंद सुरक्षा तैयारी में जुटी दक्षिण-पश्चिम जिला के स्पेशल स्टाफ ने राजधानी में अवैध हथियार बनाने व बेचने वाले एक सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इनके कब्जे से पुलिस ने अवैध हथियारों की बड़ी खेप 20 कट़्टा, 12 कारतूस व अन्य सामान बरामद किया है। ये सभी हत्या, गैंगस्टर एक्ट, लूटपाट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। सिंडिकेट लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर, यूपी व हरियाणा के गैंग्स्टरों और बदमाशों को अवैध हथियार आपूर्ति कर रहा था।
डीसीपी अमित गाेयल के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तस्करों में उपेंद्र, गांव खेड़ी रकधान, मुजफ्फरनगर, यूपी.का रहने वाला है। यह हत्या और गैंग्स्टर एक्ट के पहले के दो मामलों में शामिल रहा है। अशरफ अली, गांव कैली दौराला, मेरठ का रहने वाला है और हत्या व गैंग्स्टर एक्ट के पहले के दो मामलों में शामिल रहा है।
बताया गया कि सतीश, गांव कपसरह, मेरठ का रहने वाला है। यह भी हत्या और गैग्स्टर एक्ट के पहले के दो मामलों में शामिल रहा है। भरत, राज नगर पार्ट-दो, पालम का रहने वाला है और हत्या के प्रयास और डकैती के पहले के छह मामलों में शामिल रहा है।
इम्तियाज, गांव बगडोला, सेक्टर-आठ, द्वारका कार रहने वाला है और डकैती, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के पहले के आठ मामलों में शामिल रहा है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में चल रहे अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने इनकी निशानदेही पर अवैध हथियारों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में मशीनरी और कच्चा माल भी बरामद किया है। गणतंत्र दिवस समारोह से पहले, अवैध हथियारों के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए दक्षिण-पश्चिम जिले की पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई में शामिल अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया।
इसके तहत चार जनवरी को सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए, इंस्पेक्टर विजय कुमार बालियान की टीम ने राजोकरी टी-प्वाइंट, कापसहेड़ा के पास भरत नाम के एक तस्कर को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक कट्टा और एक कारतूस बरामद हुआ।
पूछताछ में इसने अवैध हथियार बनाने वाले एक सिंडिकेट के बारे में बताया और मेरठ के कैली गांव के रहने वाले अशरफ अली के शामिल होने के बारे में बताया। वह अवैध हथियार बनाने में सक्रिय रूप से शामिल था। उसने बताया कि अशरफ अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध हथियार फैक्ट्री चला रहा है और दिल्ली-एनसीआर, यूपी व हरियाणा में सक्रिय अपराधियों और हथियार सप्लाई कर रहा है। उसकी निशानदेही पर कैली गांव में छापामारी कर अवैध हथियार बनाने वाली यूनिट का भंडाफोड़ हुआ। वहां से अशरफ अली, उपेंद्र और सतीश नाम के तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इनसे पूछताछ के बाद इम्तियाज को गिरफ्तार कर लिया गया। ये लोग सुनसान खेत में एक संगठित तरीके से अवैध हथियार बनाने वाली यूनिट चला रहे थे। वे भारी मशीनरी और कच्चे माल का इस्तेमाल कर कट्टा बना रहे थे।
बरामद हथियार व अन्य सामान
इनके कब्जे से 20 कट्टा, 12 कारतूस, सात लोहे की बैरल, एक लोहे की मशीन, जिसका इस्तेमाल लोहे की प्लेटों को आकार देने के लिए किया जाता है, चार लोहे के ब्लेड वाला एक ग्राइंडर, पांच छेनी, 9 लोहे के सैंडिंग टूल, 12 वेल्डिंग राड, पांच लोहे की रॉड, 18 स्प्रिंग, हथौड़े और स्क्रूड्राइवर, एक हैंड एयर ब्लोअर व आग्नेयास्त्र निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण और कच्चा माल बरामद किया गया। |