संवाद सूत्र, सीतापुर। बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग की ओर से नई पहल की जा रही है। इसके लिए ड्रोन से निगरानी करवाई जाएगी। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के साथ विजिलेंस की टीम छापेमारी कर बिजली चाेरी करने वालों पर मुकदमा लिखाएगी। साथ ही उनके नाम व फोटो उपकेंद्र पर चस्पा किए जाएंगे। पहले चरण में जिले के 15 हाईलास फीडर की निगरानी कराई जाएगी।
पंजीकरण कराने से कतरा रहे बकाएदार
बिजली बिल राहत योजना एक दिसंबर से चल रही है। प्रथम चरण में करीब 93 हजार उपभोक्ताओं ने योजना में पंजीकरण भी कराया है। इसके बाद भी बड़े पैमाने पर बकाएदार उपभोक्ता पंजीकरण कराने में भी परहेज कर रहे हैं। जिले में 3,15,913 उपभोक्ताओं का विभाग पर 460 करोड़ रुपये बकाया है। दूसरे चरण में पंजीकरण करने पर उपभोक्ताओं का ब्याज तो शत-प्रतिशत माफ हो रहा है। वहीं, मूलधन का भी 20 प्रतिशत विभाग छोड़ रहा है।
रात में की जा रही चेकिंग
बिजली चोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारी व कर्मचारी रात में चेकिंग कर रहे हैं। इसमें मजिस्ट्रेट के साथ विजिलेंस टीम भी साथ में जांच करने पहुंच रही है। चार दिन में टीम की ओर से की गई कार्रवाई में जिले में करीब 25 लोगों पर बिजली चोरी का मुकदमा लिखाया गया है।
फीडर मैनेजर हैं नियुक्त
शासन के निर्देश के बाद अधीक्षण अभियंता ने जिले में फीडर मैनेजर भी नियुक्त कर दिए हैं। यह फीडर पर होने वाली बिजली खपत का डाटा एकत्र करके अवर अभियंता व उपखंड अधिकारी को उपलब्ध करा रहे हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली की मांग होने पर फीडर से जुड़े मुहल्लों में जांच भी की जा रही है।
बिना जमा किए जोड़ने पर छह पर मुकदमा
हुसैनगंज ग्रामीण उपकेंद्र के भगवानपुर गांव में शुक्रवार की रात उपखंड अधिकारी खैराबाद अंकुर वर्मा ने मानपुर पुलिस टीम के साथ जांच की। यहां पर छह ऐसे उपभोक्ता ऐसे मिले जिनका बकाएदारी पर कनेक्शन काट दिया गया था। वह लोग बिना जमा किए ही खंभे से तार जोड़कर बिजली का उपयोग करते मिले। इसके साथ ही तीन लोग कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। उपखंड अधिकारी ने बताया कि इन सभी पर मुकदमा लिखाया गया है।
बिजली चोरी रोकने के लिए जल्द ही ड्रोन से निगरानी की जाएगी। हालांकि, बिजली बिल राहत योजना में बकाएदार उपभोक्ता पंजीकरण कराकर बकाया बिल जमा कर रहे है। चोरी रोकने के लिए रात में टीम छापेमार कार्रवाई कर रही है। - ललित कृष्ण, अधीक्षण अभियंता-बिजली |
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