ठगी के आरोपित नावेद व भूरा। जागरण
जागरण संवाददाता, बागपत। जेल से छूटकर नावेद सलीम ने गोविंद शर्मा उर्फ रोहित शर्मा बनकर अपने साथी के साथ मिलकर कई युवतियों के साथ रिश्ता कराने के नाम पर ठगी की।
आरोपित युवतियों को एयरफोर्स, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, इंजीनियरों से रिश्ता कराने का झांसा देता था। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपित आठवीं और उसका साथी पांचवीं पास है।
एएसपी प्रवीण सिंह चौहान ने रिजर्व पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता में बताया कि बड़ौत के एक व्यक्ति की राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर शादी का झांसा देकर ठगी करने की शिकायत प्राप्त हुई।
साइबर सेल व साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह नावेद सलीम मूल निवासी पंजाबिया कालोनी नगीना जिला बिजनौर वर्तमान निवासी गुरुग्राम, हरियाणा व भूरा निवासी निजामपुर थाना नखासा जिला संभल को गिरफ्तार किया।
मुख्य आरोपित नावेद ने जानकारी दी कि वह समाचार पत्रों में विवाह संबंधी (वधू चाहिए) विज्ञापन प्रकाशित कराता था। विज्ञापन पढ़कर जब इच्छुक व्यक्ति युवतियों की शादी के लिए संपर्क करते थे तो वह स्वयं को गोविंद शर्मा व रोहित शर्मा बताकर अधिकारी, डाक्टर, इंजीनियर आदि प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्त युवकों से बगैर दहेज का विवाह तय कराने का वादा करता था।
लड़की के स्वजन को भरोसा देता था कि लड़के लेकर उनके घर आएगा। फिर रास्ते में अपने व लड़के के स्वजन के साथ सड़क दुर्घटना होने की फर्जी सूचना देकर लड़की पक्ष से फोन करके मदद के बहाने बैंक खातों में 20 से 30 हजार रुपये ट्रांसफर कराता था।
भरोसा दिलाने के लिए खुद ही मोबाइल में वाइस चेंजर का प्रयोग कर पुलिसकर्मी व अस्पताल के डाक्टर व अन्य से बातें करता था और फर्जी फोटो भी भेजता था।
इस कार्य में उसका साथी भूरा साथ देता था। बाद में प्राप्त रकम को आपस में बांट लेते थे। आरोपित आठ साल से ठगी कर रहा था। आरोपित ने सैकड़ों लोगों से एक करोड़ से अधिक की ठगी की है। लखनऊ समेत आठ स्थानों से लोगों ने शिकायत कर रखी हैं।
आठ माह पहले हुआ जेल से रिहा
एएसपी ने बताया कि आरोपित नावेद सलीम के विरुद्ध सबसे पहले ठगी के मामले में वर्ष 2019 में जनपद गाजियाबाद और पीलीभीत के थानों में मुकदमा दर्ज हुआ था।
वर्तमान में बागपत, गाजियाबाद, बिजनौर, पीलीभीत, मथुरा, जालौन, फतेहगढ़, शाहजहांपुर, हरिद्वार के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी व अन्य धाराओं के 18 मुकदमे दर्ज हैं।
एक मुकदमे में हरिद्वार की अदालत ने दो वर्ष एक माह के कारावास की सजा सुनाई थी। सजा काटकर करीब आठ माह पूर्व हरिद्वार जेल से रिहा हुआ था। नावेद अपना गोविंद और रोहित नाम का फर्जी आधार कार्ड दिखाकर गुरुग्राम व अन्य स्थानों पर होटलों में कमरे लेता था। |
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