जागरण संवाददाता, गोरखपुर। सेवानिवृत्त कर्मचारी से 87.18 लाख रुपये की ठगी मामले में पुलिस खाली हाथ है। जबकि पीड़ित ने 12 नवंबर 2025 को शाहपुर थाने में तहरीर देकर अपने सहकर्मी और उसके रिश्तेदारों पर रुपये लेने का आरोप लगा केस दर्ज कराया था। तब पुलिस ने दावा किया था कि बैंक से विवरण लेकर जल्द ही आरोपितों पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन, अब तक न तो विवरण लिया गया और न आरोपितों से पूछताछ की गई। पूरा मामला ठंडे बस्ते में है।
गंगानगर कालोनी निवासी सेवानिवृत्त कृषि कर्मचारी सुरेंद्र सिंह ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि वह और हरिद्वारपुरम बशारतपुर निवासी अशोक कुमार श्रीवास्तव दोनों साथ में कृषि विभाग में कार्यरत रहे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनसे मित्रवत संबंध बने रहे। जिसका फायदा उठाते हुए अशोक और उसके रिश्तेदार कार्तिकेय ने उन्हें धोखे में लेकर बैंक खाते से भारी रकम ट्रांसफर कर ली।
अक्टूबर 2023 में कार्तिकेय ने उनके खाते से ओटीपी के जरिए पहले 67 हजार रुपये निकाले। बाद में कूटरचित दस्तावेज बनाकर 36 लाख 93 हजार, 38 लाख 25 हजार और 10 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। कार्तिकेय ने 10 लाख रुपये अपने दोस्तों मनोज यादव और निलेश मल्ल के खाते में भेज दिए।
आरोपितो ने उनकी जमीन कार्तिकेय की मां के नाम बैनामा कराई और उसके नाम पर बैंक से वाहन ऋण लेकर कार खरीद ली। जब उन्हें जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध किया तो उन्हें और परिवार को अपशब्द, जान से मारने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। थाने की पुलिस बैंक को पत्र लिखकर विवरण मांगे है। मिलने के बाद आरोपितों से पूछताछ व आगे की कार्रवाई की जाएगी। |
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