देश में प्रतिदिन 26,000-27,000 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है। एआई जेनरेटेड तस्वीर
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए, AVRO इंडिया के चेयरमैन सुशील अग्रवाल ने कहा कि दुनिया के कुल प्लास्टिक प्रदूषण का लगभग 20 प्रतिशत भारत से आता है। भारत में प्लास्टिक का संकट भविष्य की समस्या नहीं है, बल्कि यह वर्तमान की एक गंभीर समस्या है।
हर 14 सेकंड में, हमारे पर्यावरण में एक ट्रक भर प्लास्टिक कचरा जुड़ जाता है। भारत में रोज़ाना लगभग 26,000 से 27,000 टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जबकि लगभग 255 मिलियन लोगों के पास अभी भी कचरा इकट्ठा करने का कोई व्यवस्थित सिस्टम नहीं है।
उन्होंने बताया कि AVRO ने देश का सबसे बड़ा रीसाइक्लिंग प्लांट लगाया है, जिसकी प्रोसेसिंग क्षमता लगभग 10,000 टन प्लास्टिक कचरे की है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 50,000 टन करने का लक्ष्य है।
उन्होंने NGO, निर्माताओं और सप्लायर से इस पहल में शामिल होने की अपील की ताकि प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को एक व्यवस्थित और प्रभावी राष्ट्रीय आंदोलन में बदला जा सके।
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