जागरण संवाददाता, कानपुर। पिंटू सेंगर हत्याकांड में आरोपित अधिवक्ता अरिदमन सिंह को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। उस पर अभी गैंगस्टर एक्ट के मुकदमा भी है। इसमे जमानत न मिलने तक उसे जेल में ही रहना होगा।
बसपा नेता पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 को चकेरी में हत्या कर दी गई थी। पिंटू सेंगर के भाई धर्मेंद्र ने चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे में कई अभियुक्तों को जेल भेजा जा चुका था, लेकिन विवेचना जारी थी।
26 अगस्त 2025 को पुलिस ने मुकदमे में आरोपित अधिवक्ता अरिदमन सिंह को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था। मुकदमे में अधिवक्ता धीरज उपाध्याय उर्फ दीनू और अरिदमन सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव यादव ने बताया कि अरिदमन की ओर से उच्च न्यायालय में दाखिल जमानत प्रार्थनापत्र में तर्क रखा गया कि मुकदमे में सह आरोपित धीरज उर्फ दीनू को पिछले दिनों उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई है। पुलिस ने घटना में दोनों की एक ही भूमिका दिखाई है।
इसलिए वह भी जमानत पाने का अधिकारी है। वहीं अभियोजन की ओर से अरिदमन का आपराधिक इतिहास पेश किया गया लेकिन कोर्ट ने माना कि आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी मुकदमे में जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता। उच्च न्यायालय ने अरिदमन का जमानत प्रार्थनापत्र मंजूर कर लिया। |
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