यूपी बोर्ड
संवाद सहयोगी, जागरण, रामपुर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए इस बार नए नियम बनाए गए हैं। बोर्ड की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए केवल प्रवेश पत्र दिखाना ही काफी नहीं होगा। उन्हें अपने साथ आधार कार्ड की मूल प्रति रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फर्जी परीक्षार्थियों पर लगाम लगाने के लिए यह फैसला लिया गया है। यदि किसी विद्यार्थी के पास आधार कार्ड की मूल प्रति नहीं होगी, तो उसे केंद्र में प्रवेश मिलने में कठिनाई हो सकती है। इस सख्ती का उद्देश्य परीक्षा की शुचिता को बनाए रखना है। इस बार केवल शारीरिक जांच ही नहीं, बल्कि डिजिटल निगरानी पर भी जोर दिया जा रहा है।
सभी परीक्षा केंद्र हाई-रिजॉल्यूशन सीसी कैमरों से लैस होंगे। इनकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। सभी केंद्रों की जियो टैगिंग कराई गई है, ताकि केंद्रों की लोकेशन और वहां होने वाली गतिविधियों पर सटीक नजर रखी जा सके। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और सचल दलों की तैनाती की जाएगी।
हर गतिविधि पर नजर रखेंगे आंतरिक सचल दल
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 18 फरवरी से शुरू होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। आंतरिक सचल दलों का गठन किया जा रहा है। यह दल परीक्षा केंद्रों के भीतर हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे। प्रत्येक केंद्र पर एक आंतरिक निरीक्षण दस्ता बनाया जाएगा।
इस दस्ते की संरचना को लेकर विशेष नियम तय किए गए हैं। प्रत्येक दस्ते में कुल तीन सदस्य होंगे। दस्ते में कम से कम एक महिला अध्यापिका का होना अनिवार्य है, ताकि छात्राओं कीतलाशी और गरिमा का पूरा ध्यान रखा जा सके। जिस विषय की परीक्षा हो रही होगी, उस विषय के शिक्षक को उस दिन सचल दल का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
प्रवेश द्वार पर होगी लेयर चेकिंग
परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके लिए मुख्य द्वार पर ही छात्र-छात्राओं की सघन तलाशी ली जाएगी। केंद्र परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नकल मुक्त परीक्षा कराना हमारी प्राथमिकता है। तकनीक के इस्तेमाल और आधार की अनिवार्यता से फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वह परीक्षा से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।
- मुन्ने अली, क्षेत्रीय सचिव यूपी बोर्ड
परीक्षा कक्ष के भीतर केवल सचल दल के सदस्य, पर्यवेक्षक या राजपत्रित अधिकारी ही प्रवेश कर सकेंगे। इसके लिए सभी सभी केंद्र व्यवस्थापकों और परीक्षा केंद्रों के प्रधानाचार्यों पर को स्पष्ट निर्देश जाएंगे। बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार परीक्षा कराई जाएगी।
- अंजलि अग्रवाल, डीआईओएस
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