फार्मर शिविर में उपस्थित लोग। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भागलपुर। कृषि व राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के आलोक में जिले में विशेष अभियान के तहत फार्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य हो रहा है। शिविर में कृषि विभाग के कर्मी के द्वारा किसानों का ई-केवाइसी कर राजस्व विभाग की लागिन में भेजा जाता है।
कृषि विभाग की लागिन में किसानों के नाम, आधार कार्ड व जमाबंदी रसीद कागजात में अंतर होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री में पेंच फंस रहा है। शिविर में जमीन रसीद में श्री, श्रीमति, मुहम्मद व नाम की स्पेलिंग में अंतर होने के कारण राजस्व कर्मचारी के पास मामला फंस रहा है। एक लाख 82 हजार 810 किसानों के मामले लंबित है।
स्पेलिंग में गड़बड़ी के कारण फार्मर रजिस्ट्री काफी धीमी गति से हो रहा है। कई ऐसे भी किसान हैं, जिनके बाप-दादा के नाम पर जमीन है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लाभ ले रहे दो लाख 40 हजार 833 किसानों में से मात्र 58021 कसानों का ही आइडी बन पाया है। कुल 89223 किसानों का फार्मर आइडी बना है।
किसान के नाम का स्पेलिंग कुछ और है और आधार कार्ड में दर्ज नाम का स्पेलिंग कुछ और है। जमाबंदी में दर्ज नाम की स्पेलिंग कुछ और है। किसानों का ई-केवाइसी तो हो जा रहा है, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर किसान परेशान हैं। जिन किसानों का फार्मर रजिस्ट्री होगा, उसी किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलेगा।
पुनः द्वितीय चरण को भी मिशन मोड में कैंप के माध्यम से दिनांक 17 जनवरी से 21 जनवरी तक फार्मर रजिस्ट्री का काम होगा। फार्मर रजिस्ट्री आइडी तैयार करने के लिए सीएससी एवं स्वयं के माध्यम से बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोटल (https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/) का उपयोग करते हुए किसान अपना फार्मर आइडी तैयार करा सकते हैं। |