दालमंडी चौड़ीकरण के लिए चल रहा मकानों का ध्वस्तीकरण कार्य। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। नई सड़क से चौक थाने तक दालमंडी सड़क 17.5 मीटर चौड़ी करने और उसकी जद में आए 187 मकानों में से लोक निर्माण विभाग 24 मकानों के 72 काश्तकारों से रजिस्ट्री करा चुका है। उसके साथ लोक निर्माण विभाग एक-एककर मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। वहीं, मकानों को तोड़ने की कार्रवाई तेज होने के साथ दालमंडी के दुकानदारों ने विरोध करना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को दालमंडी के दुकानदारों ने दुकान बंद कर विरोध जताया तो दूसरी ओर मकानों को तोड़ने का क्रम जारी रहा। इसको लेकर दालमंडी में दिनभर माहौल गर्म रहा। दालमंडी के दुकानदारों और व्यापारियों की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल 115 मामलों में 76 खारिज हो चुके हैं।
दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए मकानों का मुआवजा देने के साथ तोड़ने की कार्रवाई जारी है। कई मकान मालिक और दुकानदार अपने भवनों को देना नहीं चाह रहे हैं। उनका कहना है कि दुकान और मकान जाने से वे बेरोजगार हो जाएंगे। उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा।
दालमंडी चौड़ीकरण के प्रतीकात्मक विरोध में दुकानदारों ने बंद रखी अपनी दुकानें। जागरण
जिला प्रशासन दूसरे स्थान पर बाजार स्थापित करने की बात कर रहा है, वहां दुकान तो मिल जाएंगे लेकिन बाजार कहां से लाएंगे। ग्राहक कैसे पहुंचेंगे। दूसरे स्थान पर दुकान बनने से दुकानदारों को कोई फायदा नहीं होने वाला है। विरोध के दौरान वे कोर्ट के आदेश का हवाला दे हुए बोर्ड लगाए थे। लोक निर्माण विभाग चौड़ीकरण की जद में आए मकानों को मुआवजा देने के साथ भवन स्वामी पर देने का दबाव बना रहा है।
मलदहिया स्थित किसान फूल मंडी में पहुंची नगर निगम की टीम से बात करते फूल मंडी के व्यापारी। जागरण
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वहीं, विकास प्राधिकरण पूर्व में की गई कार्रवाई का हवाला देते हुए तोड़ने की कार्रवाई कर रहा है। वीडीए के कार्रवाई के आगे भवन स्वामी कुछ नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि वीडीए अवैध निर्माण मिलने पर नोटिस जारी करने के साथ ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि 24 मकानों को खरीदने के साथ 16 करोड़ रुपये मुआवजा राशि बांटी जा चुकी है। |
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