search

14000 बसें और 36000 EV चार्जर से लेकर लैंडफिल तक, प्रदूषण नियंत्रण पर दिल्ली सरकार का 4 वर्षीय एक्शन प्लान

cy520520 1 hour(s) ago views 959
  

वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने प्लान तैयार किया है। फोटो: एआई जनरेटेड



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए चार साल का एक व्यापक, डेडलाइन बेस्ड एक्शन प्लान पेश किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा गया कि दिल्ली सरकार साल के 12 महीने, सातों दिन प्रदूषण नियंत्रण पर काम कर रही है और सभी विभागों को तय समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदूषण को लंबी लड़ाई बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य अगले चार वर्षों में पीएम2.5 स्तर को प्रभावी रूप से कम करना है। सरकार के अनुसार बजट या प्रक्रिया से जुड़ी कोई बाधा नहीं है और केंद्र सरकार के साथ समन्वय लगातार बना हुआ है।
सार्वजनिक परिवहन पर मुख्य फोकस

योजना का केंद्र दिल्ली के बस बेड़े का बड़ा विस्तार है। मौजूदा संख्या से बढ़ाकर मार्च 2029 तक कुल 14,000 बसें सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 500 छोटी सात मीटर लंबी बसें होंगी, जिन्हें घनी आबादी वाले इलाकों में लास्टमाइल कनेक्टिविटी के लिए तैनात किया जाएगा। इन बसों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। जनवरी 2026 तक 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर ई-ऑटो, बाइक टैक्सी और फीडर कैब को जोड़ने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। फिलहाल 100 इलेक्ट्रिक फीडर बसें पहले से ही सेवा में हैं।

  
ट्रैफिक जाम और उत्सर्जन पर नियंत्रण

सरकार ने प्रदूषण बढ़ाने वाले 62 ट्रैफिक कंजेशन हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं। इनमें से 30 स्थानों पर काम शुरू हो चुका है। जमीनी स्तर पर ट्रैफिक प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 1,200 अतिरिक्त डीटीसी कर्मियों को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ तैनात किया गया है।

  • 62 कंजेशन हॉटस्पॉट चिह्नित
  • 30 जगहों पर काम शुरू
  • 1,200 अतिरिक्त DTC कर्मी
  • ट्रैफिक पुलिस के साथ जमीनी मैनेजमेंट

EV Policy 2.0: चार्जिंग नेटवर्क में बड़ा विस्तार

नई ईवी पॉलिसी 2.0 में दिल्ली के 58 लाख दोपहिया वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव और स्क्रैपेज लाभ दिए जाएंगे।

  

  



6000 करोड़ की सड़क सुधार योजना

सरकार ने दिल्ली की 3,300 किलोमीटर सड़कों के पुनर्निर्माण और उन्नयन के लिए 6,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं। इसमें पीडब्ल्यूडी, एमसीडी और अनधिकृत कॉलोनियों की सड़कें शामिल हैं। योजना के तहत पक्के कंधे, हरित मीडियन और भूमिगत यूटिलिटी डक्ट बनाए जाएंगे ताकि बार-बार सड़क खुदाई रोकी जा सके। टेंडर दो महीने के भीतर जारी होने और एक वर्ष में काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • 3,300 किमी सड़कें – PWD, MCD, अनधिकृत कॉलोनियाँ
  • पक्के शोल्डर, हरे मीडियन
  • अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट – बार-बार खुदाई बंद
  • 1 साल में काम पूरा करने का लक्ष्य

मेट्रो और RRTS से सड़क पर दबाव कम करने की योजना

दिल्ली मेट्रो, जिसकी कुल लंबाई 395 किलोमीटर है और जो प्रतिदिन 65 से 70 लाख यात्रियों को सेवा देती है, को आगामी चरणों में 206 किलोमीटर और बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि फेज-4 के बाद मेट्रो की राइडरशिप दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा एनसीआरटीसी नेटवर्क को अगले चार वर्षों में 323 किलोमीटर तक विस्तार देने की योजना है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।

  
लैंडफिल साइट्स के लिए तय समयसीमा

सरकार ने दिल्ली के कचरे के पहाड़ों को हटाने के लिए सख्त डेडलाइन तय की है। इस वर्ष एमसीडी को कचरा प्रबंधन के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जबकि आगे हर साल 300 करोड़ रुपये का प्रावधान रहेगा। 2026–27 तक सारा ताजा नगर निगम कचरा वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स में प्रोसेस किया जाएगा।
लैंडफिल क्लियरेंस टाइमलाइन

  • ओखला: जुलाई 2026
  • भलस्वा: अक्टूबर 2026
  • गाजीपुर: दिसंबर 2027

MCD फंड

  • 500 करोड़ रुपये (इस साल)
  • 300 करोड़ रुपये हर साल आगे


2026–27 तक सारा कचरा Waste to Energy में तब्दील होगा।
सड़क की धूल पर सख्त कार्रवाई

सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनाइज़्ड सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी 4,000 करोड़ रुपये की दो बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनमें 250 स्प्रिंकलर-कम-एंटी-डस्ट मशीनें शामिल हैं। 62 हॉटस्पॉट पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाए जाएंगे।

  
उद्योग, हरियाली और कचरा जलाने पर रोक

अब तक 1,000 से अधिक प्रदूषणकारी औद्योगिक इकाइयों को सील किया जा चुका है। बड़े उद्योगों को रियल-टाइम एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। हरित पहल के तहत चार वर्षों में 35 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। इस साल अकेले 14 लाख पौधे लगाने की योजना है। साथ ही 365 एकड़ क्षेत्र में ब्राउन पार्क विकसित किए जाएंगे। सर्दियों में प्रदूषण कम करने के लिए 15,500 इलेक्ट्रिक हीटर बांटे जा रहे हैं, ताकि बायोमास जलाने पर रोक लगाई जा सके। तेहखंड में एक नया कंस्ट्रक्शन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।

  • 3.5 मिलियन पेड़ – 4 साल में
  • 1.4 मिलियन इसी साल
  • 365 एकड़ ब्राउन पार्क डेवलपमेंट


  • 1,000+ प्रदूषणकारी फैक्ट्रियाँ सील
  • बड़ी इंडस्ट्रीज में रियल-टाइम एमिशन मॉनिटरिंग


सर्दियों में 15,500 इलेक्ट्रिक हीटर और पराली/बायोमास जलाना बंद
पार्किंग, कैमरे और सख्त प्रवर्तन

निजी वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए स्मार्ट पार्किंग और प्राइसिंग कंट्रोल की योजना बनाई जा रही है। व्यावसायिक और ट्रांजिट हब्स पर मल्टी-लेवल पार्किंग को बढ़ावा दिया जाएगा। दिल्ली की सीमाओं पर एएनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की स्वतः पहचान की जा सके।

  • स्मार्ट पार्किंग के साथ ही प्राइस कंट्रोल।
  • मल्टी-लेवल पार्किंग कमर्शियल हब्स में बनेगी।
  • ANPR कैमरे दिल्ली बॉर्डर पर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान करेंगे।

केंद्र और न्यायपालिका से समन्वय

पर्यावरण मंत्री ने बताया कि यह पूरी योजना सुप्रीम कोर्ट और PMO के साथ साझा की जाएगी। साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय जारी रहेगा, क्योंकि दिल्ली की वायु गुणवत्ता की समस्या क्षेत्रीय स्तर की है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली में घने कोहरे से जारी है ट्रेनों की लेटलतीफी, 66 से अधिक गाड़ियां प्रभावित; यात्री परेशान
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

410K

Threads

0

Posts

1410K

Credits

Forum Veteran

Credits
149073

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com