हाइवा की तेज रफ्तार से पैदल चलना भी जोखिम भरा।
संवाद सूत्र, टंडवा (चतरा)। झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम उड़सू में शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क दुर्घटना ने एक बुजुर्ग महिला की जान ले ली।
तेज रफ्तार कोयला वाहन (हाइवा) की चपेट में आने से 55 वर्षीय सरस्वती देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने टंडवा-चतरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे यातायात 15 घंटे से अधिक समय तक पूरी तरह ठप रहा।
स्थानीय लोग आक्रोशित हैं। अवैध कोयला ढुलाई और वाहनों की तेज रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है। पूछ रहे, पुलिस-प्रशासन की नजर में हमारी जान सस्ती है क्या?
दुर्घटना कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, केरेडारी थाना क्षेत्र के पंचड़ा निवासी 58 वर्षीय वासुदेव राम मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित कोल हाइवा से बचने के चक्कर में उनकी बाइक असंतुलित हो गई और दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
वासुदेव राम को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं, उनका इलाज रांची के गांधीनगर अस्पताल में चल रहा है।
इसी अफरा-तफरी के बीच सड़क पार कर रही सरस्वती देवी (55 वर्ष) को अज्ञात कोल वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनके सिर में गंभीर चोट लग गई।
ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत टंडवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हजारीबाग रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका के नाती अमर यादव ने बताया, शुक्रवार शाम करीब 6 बजे दादी दूध देकर घर लौट रही थीं। सड़क पार करते समय अचानक हादसा हो गया।
ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा
ग्रामीणों का आरोप है कि टंडवा-चतरा-उड़सू मुख्य मार्ग पर कोयला खदानों से जुड़े अवैध और बेलगाम कोल वाहनों की तेज रफ्तार लगातार जानलेवा साबित हो रही है।
एक सप्ताह के भीतर यह तीसरी ऐसी दुर्घटना है। ग्रामीणों ने कहा कि कोल हाइवाओं की लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी। शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक उड़सू के पास कोल हाइवाओं की कतारें लगी रहीं, जिससे आवागमन पूरी तरह बंद रहा।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही टंडवा प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है तथा दोषी वाहन की पहचान कर रही है। ग्रामीण मुआवजे, दोषी चालक पर सख्त कार्रवाई और कोल वाहनों की रफ्तार पर अंकुश की मांग कर रहे हैं। |
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