IBH system Indian Railways: आइबीएच प्रणाली के लगने से लाइन की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur railway news: मुजफ्फरपुर रेल जंक्शन और आसपास के रेलखंडों पर रेल परिचालन को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुजफ्फरपुर–रामदयालुनगर के बीच इंटरमीडिएट ब्लॉक हट (IBH) सिस्टम का संचालन सफलतापूर्वक शुरू हो गया है, जिससे अब एक के पीछे एक लगातार ट्रेनें चल रही हैं।
इससे ट्रेनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुचारू और समयबद्ध हो गई है। रामदयालुनगर से मुजफ्फरपुर स्टेशन की ओर आते ही ट्रेनों को समय पर सिग्नल मिल जा रहा है। हालांकि, मुजफ्फरपुर जंक्शन पर विभिन्न ट्रेनों के पांच से दस मिनट के स्टॉपेज के कारण कुछ देर रुकावट देखी जा रही है। इसके बावजूद IBH सिस्टम से सोनपुर मंडल के अधिकारी काफी संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
डीआरएम सोनपुर अमित सरन ने वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर अजय सिंह के साथ विभिन्न रेलखंडों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यातायात क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर–रामदयालुनगर सेक्शन में IBH सिस्टम लगाया गया है।
इस परियोजना पर रेलवे ने करीब 4.5 करोड़ रुपये की लागत की है। इससे रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, सुचारू और समयपालन आधारित होगा। इसका सीधा लाभ सोनपुर और समस्तीपुर मंडल के यात्रियों को मिलेगा।
कपरपुरा में लगेगा चेंजिंग क्रॉस प्वाइंट
इसी तर्ज पर मुजफ्फरपुर–हाजीपुर रेलखंड पर कपरपुरा में चेजिंग क्रॉस प्वाइंट लगाने की योजना है। इसके तहत मोतिहारी और सीतामढ़ी रूट की ट्रेनें कपरपुरा से ऑटोमेटिक प्वाइंट सिस्टम के जरिए अपने-अपने रूट पर स्वतः घूम जाएंगी। इससे ट्रेनों को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अनावश्यक रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मुजफ्फरपुर–कपरपुरा और मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी रेलखंड पर डबलिंग का कार्य तेजी से चल रहा है और इसी क्रम में यह आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है, ताकि भविष्य में दोबारा कार्य न करना पड़े।
पूर्व मध्य रेल की प्रमुख मुख्य सिग्नल एवं टेलीकॉम इंजीनियर सविता गेदम ने कपरपुरा, मझौलिया और अन्य स्थानों का निरीक्षण किया। मझौलिया में समस्तीपुर और सोनपुर मंडल की सीमा स्पष्ट करते हुए अलग-अलग बोर्ड लगाए गए हैं। वहीं, रिले रूम बनाकर वहां इंटरमीडिएट ब्लॉक हट सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की गई है।
क्या है IBH सिस्टम?
भारतीय रेलवे में IBH को आमतौर पर Intermediate Block Signaling (IBS) कहा जाता है। यह तकनीक दो स्टेशनों के बीच के लंबे ब्लॉक सेक्शन को दो भागों में विभाजित कर देती है।
सामान्य व्यवस्था में दो स्टेशनों के बीच एक समय में केवल एक ट्रेन चल सकती है। लेकिन IBH सिस्टम में:
- बीच में एक अतिरिक्त सिग्नल लगाया जाता है
- एक्सल काउंटर या ट्रैक सर्किट से ट्रेन की स्थिति की निगरानी होती है
- जैसे ही पहली ट्रेन ब्लॉक का पहला हिस्सा पार करती है, दूसरी ट्रेन को पीछे से छोड़ा जा सकता है
इससे एक ही दिशा में कम समय में अधिक ट्रेनें चलाई जा सकती हैं, जिससे लाइन की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में मुजफ्फरपुर रेलखंड पर आधारभूत संरचना के उन्नयन और आधुनिकीकरण का कार्य लगातार जारी रहेगा। यात्री सुविधा, सुरक्षा और समयपालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। |
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