समृद्धि यात्रा के क्रम में पूर्वी चंपारण में सीएम नीतीश कुमार।
राज्य ब्यूरो, पटना। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रवक्ताओं ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा कहीं से राजनीतिक यात्रा नहीं है।
विपक्ष द्वारा इस बारे में भ्रम फैलाया जा रहा। जदयू प्रदेश कार्यालय में पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रवक्ता डाॅ. निहोरा प्रसाद यादव, मीडिया पैनलिस्ट किशोर कुणाल तथा छात्र जदयू के प्रदेश प्रवक्ता आनंद माधव ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।
जदयू प्रवक्ताओं ने कहा कि यह यात्रा वास्तव में जमीनी स्तर पर बिहार सरकार की योजनाओं का ऑडिट है। देश में यह पहली सरकार है जिसने प्रगति यात्रा के दौरान लिए गए निर्णयों को सीधे कैबिनेट से स्वीकृति दिलाकर केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियान्वयन तक का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया।
पश्चिम चंपारण बना पर्यटन केंद्र
पश्चिम चंपारण, जो कभी अपहरण उद्योग और भय के लिए जाना जाता था, आज वहीं के मर्चा धान को जीआई टैग मिला है और क्षेत्र तेजी से पर्यटन के केंद्र के रूप में उभरा है।
वर्ष 2024-25 में लगभग 4 लाख 80 हजार से अधिक पर्यटक वहां पहुंचे, जहां कभी लोग दिन में भी निकलने से डरते थे। ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देकर मुख्यमंत्री ने चंपारण की पहचान बदल दी है।
प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चंपारण सहित पूरे बिहार से भय का वातावरण समाप्त किया है। थारू जनजाति की बेटियों के लिए बिहार स्वाभिमान बटालियन जैसी पहल की है और किसानों को जीआई टैग का लाभ दिलाकर उनकी आय बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
यह सरकार केवल तस्वीर बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की तकदीर बदलने के लिए प्रतिबद्ध है, और उसी का प्रतिबिंब सात निश्चय पार्ट थ्री में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। |
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