जागरण संवाददाता, शामली। अमेरिका से तेल लेकर लौट रही मर्चेंट नेवी की टीम को ईरान में तेल चोरी के आरोप में पकड़ लिया। टीम में शामली के गांव भैंसवाल निवासी कैप्टन विजय कुमार भी शामिल हैं।
जानकारी मिलने के बाद उनके माता-पिता ने विदेश मंत्रालय और मुख्यमंत्री से कैप्टन को वापस लाए जाने की मांग की है।
गांव भैंसवाल निवासी रिटायर्ड अध्यापक चरण सिंह ने बताया कि उनका पुत्र विजय कुमार मर्चेंट नेवी में कैप्टन के पद पर कार्यरत है। बेटा करीब चार महीने पहले ड्यूटी पर गया था। अमेरिका से तेल लेकर जहाज भारत की ओर आ रहा था, लेकिन ईरान के रास्ते में ईरानी सेना ने जहाज को रोक लिया।
विजय और सभी सदस्यों समेत 10 भारतीयों को जहाज में ही बंधक बना लिया गया। बताया कि विजय वर्ष 2009 में मर्चेंट नेवी में गए थे। उनकी पहली पोस्टिंग सिंगापुर में हुई थी। वर्तमान में विजय की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मेरठ में रहती है, जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
स्वजन का कहना है कि विजय के साथ-साथ कई अन्य भारतीय मर्चेंट नेवी अधिकारी भी ईरान में बंधक बनाए गए हैं। बेटे की सलामती को लेकर उनके वृद्ध माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे की कुशलता के लिए माता-पिता हवन कर रहे हैं। बेटे को देखने की चाह में मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
पिता चरण सिंह ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर उनके बेटे सहित सभी भारतीय नागरिकों को सकुशल भारत वापस लाया जाए।
विदेश मंत्रालय ने ईरान में भारतीय दूतावास से वार्ता कर सभी को जल्द वापस लाने का आश्वासन दिया है। वहीं पिता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर बेटे को वापस लाने की गुहार लगाई है।
गुरुवार में मां की अंतिम बार हुई थी बात
पिता चरण सिंह ने बताया कि गुरुवार रात साढ़े आठ बजे विजय से बातचीत हुई थी। तब विजय ने बताया था कि ईरान की सेना 10 लोगों को अपने साथ ईरान में ले गई है, जिस कारण वह परेशान हैं।
बताया था कि उसे जहाज में ही बंधक बनाकर रख रखा था। कुछ दिन पहले विजय ने अपने माता-पिता से बातचीत करते हुए कहा था कि वह जनवरी में भारत लौट जाएगा और परिवार के लिए अच्छी खुशखबरी लेकर आएगा। |
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