search
 Forgot password?
 Register now
search

छत्तीसगढ़ में अवैध मतांतरण का बड़ा खुलासा: चार वर्षों का खाका बना चुका था डेविड चाको, कई जिलों में नेटवर्क फैला

LHC0088 3 hour(s) ago views 864
  

अवैध मतांतरण का बड़ा खुलासा: चार वर्षों का खाका बना चुका था डेविड चाको



जेएनएन, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में मतांतरण से जुड़ी गतिविधियों का संचालन राजनांदगांव जिले से किए जाने का पुलिस ने राजफाश किया है।

जांच में पता चला है कि डेविड चाको द्वारा संचालित मिशनरियों के गुप्त नेटवर्क ने केवल तात्कालिक ही नहीं, बल्कि आने वाले चार वर्षों की कैलेंडर आधारित योजना तैयार की थी।

यह योजना दिन, सप्ताह और महीनों के अनुसार विभाजित थी, ताकि विभिन्न जिलों और इलाकों में चरणबद्ध तरीके से मतांतरण गतिविधियां संचालित की जा सकें।
पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में ऐसे कागजात बरामद हुए हैं

पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में ऐसे कागजात बरामद हुए हैं, जिनमें तीन से चार वर्षों तक की विस्तृत योजना दर्ज है। इन दस्तावेजों में यह उल्लेख है कि किस महीने किस क्षेत्र में बैठक होगी, किन तिथियों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी और किन दिनों में सभा, प्रार्थना या संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, प्रदेशभर में एक साल में बैठकों की तारीखें पहले से तय थीं। आरोपित डेविड सरगुजा और बस्तर सहित अन्य क्षेत्रों में कई बैठकें करने वाला था, जिनमें नेटवर्क से जुड़े लोगों से चर्चा और फं¨डग का प्रबंधन किया जाना था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दुर्गम इलाकों में चलचित्र दिखाने के लिए डेविड ने अमेरिका से सोलर प्रोजेक्टर खरीदा था, जो भारत में उपलब्ध नहीं है और इसकी कीमत लाखों में है। बता दें कि डेविड को अवैध मतांतरण के आरोप में पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
1105 लोगों ने की घर वापसी

अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सरायपाली में 50 से अधिक परिवारों के 105 सदस्यों की सनातन धर्म में वापसी कराई। इस दौरान पैर पखारकर श्रद्धा, भक्ति व वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ घर वापसी करवाई गई।

जूदेव ने कहा कि मतांतरण की वजह से देश की जनसांख्यिकी बदल रही है। देश के 200 जिलों में हिंदू अल्पमत में आ गए हैं। यह राष्ट्र सुरक्षा का गंभीर विषय है। मतांतरण देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
मतांतरित महिला को दफनाने का विरोध

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नवागांव-कंडेल गांव में मतांतरित महिला 85 वर्षीय जोरबाई साहू के अंतिम संस्कार को लेकर शनिवार को ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया।

गांव में तनाव होने और ग्रामीणों के कड़े विरोध के बाद स्वजन को शव धमतरी जिला मुख्यालय लाना पड़ा, जहां ईसाई समुदाय के कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि अंतिम संस्कार गांव में करना है तो हिंदू रीति-रिवाज से हो, अन्यथा शव को गांव से बाहर ले जाया जाए।
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
151811

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com