शुक्रवार को सोसायटी के डी टावर की ऊपरी मंजिलों की बालकनी के जर्जर कोने अचानक भरभराकर गिर गए।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित केएम रेजिडेंसी सोसायटी में शुक्रवार को सोसायटी के डी टावर की ऊपरी मंजिलों की बालकनी के जर्जर कोने अचानक भरभराकर गिर गए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस प्रकार की घटनाएं अब सोसायटी में आम हो चुकी हैं। इससे पहले भी ऊपरी मंजिलों का प्लास्टर नीचे गिर चुका है। कई बार बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन को लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सोसायटी निवासी निर्मल मिश्रा के मुताबिक केएम रेजिडेंसी परियोजना वर्ष 2010 में एसआरबी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शुरू की गई थी। अधिकांश फ्लैट वर्ष 2010 से 2014 के बीच बुक किए गए। एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आज तक बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं की गई हैं।
उन्होंने बताया कि सोसायटी को अब तक गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) से आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) नहीं मिला है, इसके बावजूद सैकड़ों परिवार यहां रहने को मजबूर हैं। सोसायटी में लिफ्टें बिना एनओसी के संचालित की जा रही हैं, जिनमें बार-बार खराबी और लोगों के फंसने की घटनाएं हो चुकी हैं।
फायर एनओसी उपलब्ध नहीं है और फायर फाइटिंग सिस्टम भी निष्क्रिय है। इसके अलावा बेसमेंट में लगातार जलभराव, एसटीपी का अभाव, टूटे हुए इलेक्ट्रिक पैनल, पार्किंग का आवंटन न होना, पावर बैक-अप की व्यवस्था न होना आदि समस्याओं का सामना सोसायटी निवासियों को करना पड़ रहा है।
निवासियों का आरोप है कि बिल्डर पिछले डेढ़ वर्ष से सोसायटी में अनुपस्थित है और प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठकों में भी शामिल नहीं हो रहा। इस संबंध में जिलाधिकारी, पुलिस और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सोसायटी निवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, लंबित निर्माण व मरम्मत कार्य पूरे कराने और बिल्डर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में बिल्डर हरेंद्र खोखर ने बताया कि केएम रेजीडेंसी का निर्माण गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नक्शे के अनुसार किया गया है और बिल्डिंग किसी भी प्रकार से अनधिकृत नहीं है।
वर्ष 2019 से सोसायटी में लिफ्ट, सुरक्षा, पावर बैकअप, हाउसकीपिंग व मेंटेनेंस स्टाफ जैसी सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रहा है। अब तक लाखों रुपये स्वयं खर्च कर मेंटेनेंस किया जा रहा है। कुछ फ्लैट स्वामी जानबूझकर अव्यवस्था फैलाकर अन्य निवासियों को मेंटेनेंस शुल्क न देने के लिए उकसा रहे हैं, स्टाफ को धमका रहे हैं और झूठी शिकायतें कर रहे हैं।
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