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जागरण संवाददाता, उरई। पानी किल्लत न हो इसलिए कोटरा नगर के ज्यादा घरों में पानी के टैंक बने हुए हैं। इसी टैंक में रविवार की रात को एक 13 वर्षीय किशोरी गिर गई। उसकी मां व बड़ी बहन पड़ोस में एक बर्थडे के कार्यक्रम चले गए।जब मां घर आई तो पुत्री के न मिलने पर उसे रात 12 बजे तक खोजती रही लेकिन उसका पता नहीं चला। जब किशोरी की मां ने पानी के टैंक को देर 12:30 बजे देखा तो उसमें पुत्री का शव उतराते मिला। इससे घर में चीख पुकार मच गई। सूचना के बाद पहुंचे थाना प्रभारी ने शव बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कोटरा कस्बा के नर्सिंग मंदिर के पास हरगोविंद उर्फ तेजू की पत्नी लक्ष्मी देवी बेटी मोहिनी व 13 वर्षीय रेनू के साथ रहती है। हरगोविंद अयोध्या में पेंटिंग का काम करता है। कोटरा कस्बे में पानी की समस्या रहती है इस कारण ज्यादातर घरों में पानी के टैंक बने हुए हैं। हरगोविंद के घर भी छह फीट गहरा टैंक बना था।
रविवार की शाम को लक्ष्मी अपनी बड़ी बेटी के साथ पड़ोस में एक बर्थडे कार्यक्रम में चली गईं। घर पर 13 वर्षीय रेनू थी। इसी दौरान वह पैर फिसलने से पानी के टैंक में गिर गई होगी। गहराई अधिक होने से वह बाहर नहीं निकल सकी। देर रात मां बड़ी बेटी के साथ घर आई तो रेनू की खोज की लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद आस पड़ोस में भी देखा गया।
देर रात तक रेनू के न मिलने पर लक्ष्मी देवी ने जब पानी का टैंक देखा तो रेनू का शव पानी में उतराता मिला। इससे घर में चीख पुकार मच गई। रेनू बुंदेलखंड इंटर कालेज कोटरा में कक्षा छह की छात्रा थी। सूचना के बाद थाना प्रभारी विमलेश कुमार मौके पर पहुंचे शव पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। |
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