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सेक्टर 150 में जहां युवराज मेहता की मौत हुई थी, वहां डिवाइडर व बैरिकेडिंग लगाए, रिफ्लेक्टर नहीं। जागरण
प्रवेंद्र सिंह सिकरवार, नोएडा। दो विभागों के बीच तालमेल और प्रशासनिक कमी के बीच 4.30 करोड़ रुपये और इससे पनपी लापरवाही में एक साॅफ्टवेयर इंजीनियर अपनी जिंदगी हार गया। वर्ष 2023 में नोएडा प्राधिकरण ने दावा किया था कि सेक्टर-150 में 4.30 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर रही।
प्राधिकरण ने बिना सिंचाई विभाग की अनुमति और तालमेल के कार्य शुरू किया। सीवर लाइन को मुख्य ड्रेनेज के लिए हरनंदी से नहीं जोड़ा गया। सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी थी कि वह इस लाइन को हरनंदी या अन्य ड्रेनेज सिस्टम से कनेक्ट करे। दाेनों विभागों में कोई समन्वय नहीं हो सका।
साॅफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की शुक्रवार देर रात माल के लिए खोदे गए बेसमेंट में पानी भरने से मौत हो गई। सीवर और ड्रेनेज की लाइन को मुख्य लाइन से नहीं जोड़ा गया। यहां प्रतिदिन निकलने वाले 28 लाख लीटर पानी सीवर से निकलकर खाली भूखंड, ग्रीन बेल्ट में भरता है। यही पानी माल के लिए खाेदे गए बेसमेंट में भरा था। सीवर कार्य में लगाया गया करोड़ों रुपये डूब गए। इस लापरवाही के तालाब में 27 वर्षीय साॅफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई।
सीवर समस्या के निदान का किया था दावा
प्राधिकरण ने सेक्टर-150 में सीवर कार्य पूरा होने के बाद हजारों परिवारों की समस्या के निदान का दावा किया था। इसके बाद यहां जन्मी समस्या को नहीं देखा गया। सीवर लाइन को बाहरी ड्रेनेज से जोड़ने के मामले में प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच तालमेल की कमी रही।
यहां रिपेयर नहीं नया रेगुलेटर लगने का कार्य था। इसका प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। मुख्यालय में समिति के पास परीक्षण के लिए भेजा जा चुका है। अनुमोदन मिलने पर टेक्निकल फाइनेंशियल बिड खोली गई और ठेकेदार का चयन हो चुका है। ठेकेदार के कागज जमा होते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
- बिनोद कुमार सिंह, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई विभाग ओखला
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