जागरण संवाददाता, आगरा। एडीए को ग्रेटर आगरा के लिए शासन से शासकीय अनुदान (सीड कैपिटल) के रूप में 225 करोड़ रुपये मिले हैं। शासन ने 150 करोड़ रुपये पूर्व में ही एडीए को दे दिए थे। एडीए को अब तक 375 करोड़ रुपये अनुदान राशि के रूप में मिल चुके हैं।
योजना पर 50 प्रतिशत धनराशि एडीए वहन करेगा। शासकीय अनुदान के रूप में मिली धनराशि एडीए को शासन को बाद में लौटानी होगी। ग्रेटर आगरा, शासन की प्राथमिकता में शामिल है और इसे लांच करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
एडीए की रायपुर, रहनकलां, एत्मादपुर मदरा और बुढ़ाना में ग्रेटर आगरा के विकास की योजना है। एडीए ने वर्ष 2009-10 में इनर रिंग रोड व लैंड पार्सल के लिए यहां भूमि अधिगृहीत की थी। रायपुर व रहनकलां की भूमि वर्ष 2014 में राजस्व अभिलेखों में एडीए के नाम चढ़ा दी गई थी।
मुआवजे को एक दशक तक किसानों ने आंदोलन किया। किसानों को पिछले वर्ष से मुआवजा वितरित करना शुरू किया गया। 442 हेक्टेयर भूमि में से करीब 380 हेक्टेयर भूमि का मुआवजा बांटा जा चुका है, लेकिन एडीए करीब 150 हेक्टेयर भूमि पर ही कब्जा ले सका है।
किसानों ने फसल बो रखी है, जिससे एडीए कब्जा नहीं ले पा रहा है। एडीए उपाध्यक्ष एम. अरून्मोली ने बताया कि किसान संगठन से बात हो चुकी है। उन्होंने मार्च में भूमि पर कब्जा देने की बात कही है। विभाग कब्जा लेने का मार्च तक का इंतजार कर रहा है।
ग्रेटर आगरा में छोटी-छोटी टाउनशिप
एडीए रायपुर व रहनकलां में देश की 10 नदियों के नाम पर छोटी-छोटी टाउनशिप बनाएगा। प्रत्येक टाउनशिप 50 हेक्टेयर से कम भूमि में विकसित की जाएगी। इनमें से नर्मदापुरम व गंगापुरम के आंतरिक विकास के लिए एडीए टेंडर भी कर चुका है।
23 को होगी बोर्ड बैठक
एडीए बोर्ड की बैठक 23 फरवरी को मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में होगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट, नियोजन से संबंधित प्रस्ताव एडीए द्वारा रखे जाएंगे। इससे पूर्व एडीए ने अक्टूबर में बोर्ड बैठक की थी। |
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