MSME को बजट से हैं कई उम्मीदें
नई दिल्ली। माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अहम माना जाता है। ये सेक्टर करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। अब जबकि कुछ ही दिनों में यूनियन बजट (Union Budget 2026) पेश किया जाने वाला है, तो एमएसएमई सेक्टर को भी बजट से उम्मीदे हैं। एमएसएमई बिजनेस यूनिट्स बजट से GST सुधारों को मजबूत करने, ऑपरेशनल आसानी और सेक्टर के लिए निरंतरता सुनिश्चित करने की उम्मीद कर रही हैं।
बिजनेस में ग्रोथ की उम्मीद
नियोइनसाइट्स की रिपोर्ट के अनुसार 86% MSMEs को उम्मीद है कि GST रिफॉर्म्स की मदद से 2026 में उनके बिजनेस में ग्रोथ होगी। वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट से ऐसे उपायों की उम्मीद कर रहे हैं, जो ऑपरेशनल आसानी और कंटिन्यूटी को मजबूत कर सकें।
सरकारी योजनाओं तक आसान हो एक्सेस
लगभग 25% MSME ने सरकारी योजनाओं तक तेज और बेहतर एक्सेस के महत्व पर जोर दिया। साथ ही GST और कंप्लायंस प्रोसेस को लगातार आसान बनाने की बात भी कही। कई MSME ने एफिशिएंसी, ट्रांसपेरेंसी और कस्टमर तक एक्सेस को सुधारने में डिजिटल टूल्स और ऑनलाइन पेमेंट की भूमिका पर भी फोकस दिया।
मजबूत पॉलिसी सपोर्ट की जरूरत
इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बजट को सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग, MSME को बढ़ावा देने और टेक्नोलॉजी-आधारित सप्लाई चेन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करना चाहिए। उनके मुताबिक पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स भारत की कंजम्पशन इकोनॉमी के लिए बहुत अहम हैं। इसलिए उन्हें आगे बढ़ने के लिए मजबूत पॉलिसी सपोर्ट की जरूरत है।
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