प्रतीकात्मक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। बागेश्वर में तैनाती के दौरान निलंबित चल रहे उप निरीक्षक की वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) के इंटरनेट मीडिया में लीक होने के प्रकरण पर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं। प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। एसटीएफ की कुमाऊं इकाई ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की एसीआर पूर्ण रूप से गोपनीय अभिलेख होती है, जिसे केवल अधिकृत अधिकारियों द्वारा सुरक्षित सूचना प्रणाली के माध्यम से देखा जा सकता है। निलंबित चल रहे उप निरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला की बागेश्वर में तैनाती के दौरान तैयार की गई एसीआर हाल ही में इंटरनेट मीडिया में सार्वजनिक हो गई है।
पुलिस मुख्यालय ने ऐसे दस्तावेज का सार्वजनिक मंचों पर प्रसारित होना गंभीर अनुशासनहीनता के साथ-साथ गोपनीय सूचना का दुरुपयोग माना है। प्रकरण की प्रारंभिक जांच में अनधिकृत रूप से अभिलेख तक पहुंच बनाए जाने की आशंका सामने आई है।
इसे देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों की गहन पड़ताल के लिए जांच एसटीएफ को सौंपी गई है। प्रतिकूल प्रविष्टि होने बावजूद उप निरीक्षक कुंदन सिंह रौतेला को थानाध्यक्ष पद पर तैनात करने की जांच पहले से ही चल रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार सभी तथ्यों और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। कुमाऊं इकाई द्वारा जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। |
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