ड्रिंक एंड ड्राइव को रोकने के लिए लगाए नाके पर चेकिंग करता पुलिसकर्मी।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। रात को शहर की सड़कों पर वहां चलना खतरे से खाली नहीं है। दिन ढलने के बाद युवा नशे की हालत में गाड़ियां चलाते हैं। यह बात पुलिस विभाग के आंकड़े कह रहे हैं। 19 दिन में करीब 523 चालान किए हैं और ऐसे 38 वाहनों को इंपाउंड भी किया गया है, जिन्होंने बहुत ज्यादा शराब पी हुई थी। जिन वाहन चालकों के चालान किए गए हैं, उनमें से 80 फीसदी युवा हैं।
ज्यादातर चालान वीकेंड पर हुए हैं। इसका कारण शहर में बने नाइट क्लब हैं। केवल पंचकूला के ही नहीं बल्कि ट्राईसिटी के युवा वीकेंड पर मस्ती करने के लिए पंचकूला के नाइट क्लबों में आते हैं। युवा यहां जमकर मस्ती करते हैं और शराब पीते हैं। उसके बाद नशे की हालत में ही गाड़ियां शहर की सड़कों पर दौड़ाते हैं।
हादसों का मुख्य कारण नशे में वाहन चलाना
हादसों की प्रमुख वजहों में शराब पीकर वाहन चलाना सबसे गंभीर कारण है। शराब पीने के कारण चालक का संतुलन और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है, जिससे जानलेवा दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। पुलिस की मानें तो इसी को ध्यान में रखते हुए पंचकूला पुलिस द्वारा बिना किसी ढील के सख्ती बरती जा रही है और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
हादसों को कम करने के लिए की जा रही नियमित जांच
एसीपी ट्रैफिक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क हादसों को कम करने और सड़क पर सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए पुलिस की ओर से जिले में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। शहर के विभिन्न मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर एल्कोसेंसर के माध्यम से नियमित रूप से जांच की जा रही है।
सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जो भी जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं, उन्हें पूरी गंभीरता और निरंतरता के साथ लागू किया जा रहा है। भविष्य में इसके लिए और भी प्रयास जारी रहेंगे। नागरिकों से भी अपील है कि वह यातायात नियमों का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और सुरक्षित ड्राइविंग को अपनी आदत बनाएं। -मनप्रीत सिंह सूदन, डीसीपी क्राइम एंड टैफिक, पंचकूला |