सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस पर बिहार में कड़ी सुरक्षा, 30 हजार अतिरिक्त बल तैनात
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार पुलिस मुख्यालय (Bihar Police News) ने सरस्वती पूजा और गणतंत्र दिवस को लेकर सभी जिलों को अलर्ट करते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर 22 जनवरी से 26 जनवरी तक 30 हजार अतिरिक्त बल के साथ 53 कंपनी पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
सरस्वती पूजा पंडालों (Saraswati Puja 2026) के लिए अनिवार्य लाइसेंस, डीजे पर प्रतिबंध और एस्कार्ट में ही विसर्जन जुलूस निकालने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही पूजा-पंडालों, विसर्जन जुलूस और घाटों की वीडियोग्राफी कराने का टास्क भी थानेदारों को दिया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पंकज दराद ने इस बाबत सभी रेंज आईजी और डीआईजी को निर्देश जारी किया है। पुलिस अधिकारियों को पूर्व के वर्षों में जिन जगहों पर विवाद हुए हैं वहां विशेष रूप से सुरक्षात्मक और निरोधात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 33 कंपनी बीसैप, 12 कंपनी रिजर्व पुलिस, आठ कंपनी केंद्रीय पुलिस बल, 18 हजार 910 नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाही, 2560 पीटीसी उत्तीर्ण सिपाही और 5100 होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। पटना, नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, सिवान, दरभंगा और भागलपुर में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
पटना में बीसैप की सबसे अधिक पांच कंपनियां दी गई हैं। शरारती और असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर बांड भरवाने और जरूरत होने पर सीसीए के तहत कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है। जिलों में क्विक रिस्पांस टीम का गठन कर अनुमंडल और जिलास्तर पर उसे रिजर्व रखने को कहा गया है।
विसर्जन जुलूस के लिए पूर्व में ही मार्ग निर्धारित कर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती करने, घाटों पर गोताखोर के साथ प्रकाश आदि की व्यवस्था करने को कहा गया है। पूजा समितियों के साथ शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य आयोजकों के साथ शांति समिति की बैठक करने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रत्येक पूजा समिति के 40-50 लोगों की सूची नाम, पता, मोबाइल एवं परिचय पत्र के साथ थाना स्तर पर जमा कराने का आदेश भी दिया गया है। इस दौरान इंटरनेट मीडिया की निगरानी को भी कहा गया है।
31 हजार से अधिक पूजा पंडाल, 32 प्राथमिकी:
सरस्वती पूजा के अवसर पर आपसी विवाद और तनाव को लेकर होने वाली प्राथमिकी की संख्या पिछले चार सालों से लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2022 में इससे जुड़ी आठ प्राथमिकी दर्ज की गई थी जो 2023 में बढ़कर 24, 2024 में बढ़कर 27 और 2025 में बढ़कर 32 हो गई। इनमें सर्वाधिक सात कांड भागलपुर में दर्ज हुए थे।
इसके अलावा खगड़िया, बक्सर में तीन-तीन, नवगछिया, लखीसराय, रोहतास, नवादा, गोपालगंज, समस्तीपुर और सीतामढ़ी में दो-दो जबकि पटना, भोजपुर, कैमूर, सारण, सिवान में एक-एक कांड दर्ज किया गया था। पिछले साल सरस्वती पूजा पर 31 हजार से अधिक पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे। |