कचहरी के पास टहलता आवारा कुत्तों का झुंड
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। डिलारी के काजीपुरा गांव में मासूम नुरसद को कुत्तों ने नोच-नोचकर मार डाला। भयावह घटना से गांव में आक्रोश है। इस बीच मंगलवार को कचहरी परिसर में कुत्तों का आतंक दिखा। छह अधिवक्ताओं को काटकर जख्मी कर दिया। जैसे-तैसे भागकर अधिवक्ताओं ने जान बचाई। कचहरी में अफरा-तफरी मची ही थी कि अगवानपुर में चिकन-बिरयानी की दुकान के बाद कुत्तों के झुंड ने छह लोगों पर हमला कर दिया, वह भी घायल हो गए।
घायल अधिवक्ता अधिवक्ता आशु कुमार, माजिद खान, धनराज कुमार, राजेश कुमार, मुख्तार, मो. रिजवान को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। दोपहर दो बजे का समय होने की वजह से ओपीडी एंटी रेबीज कक्ष बंद हो चुका था। इस वजह से सभी के टिटनेस और एआरवी डोज इमरजेंसी में लगाई गई।
इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा. पवन कुमार के अनुसार सभी घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। अपर निदेशक एवं प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. संगीता गुप्ता ने बताया कि कुत्ते के काटने के मामलों में वृद्धि हो रही है। वहीं, कुत्ते काटने की सूचना मिलते ही बार एसोसिएशन के सदस्य भी मौके पर पहुंचे।
अधिवक्ताओं के अनुसार, कचहरी परिसर में लंबे समय से आवारा कुत्तों और बंदरों का जमावड़ा है, जिसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जल्द ही कचहरी परिसर और आसपास के क्षेत्रों से आवारा कुत्तों को हटाने की कार्रवाई की जाए। अधिवक्ताओं ने कचहरी जैसे संवेदनशील और भीड़ वाले स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
कचहरी परिसर में हुई इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे को उजागर कर दिया है। कचहरी में तारीख पर आए दुष्यंत कुमार ने बताया कि अचानक से कुत्तों ने काटना शुरू कर दिया। कुत्तों को जिन-जिन लोगों ने भगाने का प्रयास किया। उन सभी को काट लिया।
इधर, अगवानपुर में टेंपो स्टैंड स्थित चिकन बिरयानी की दुकानों के पास सेरुआ चौराहा निवासी परीक्षित चौधरी, बाबू, तासिम, फरहद, शिफान और जारा पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। यह सभी वाहन का इंतजार कर रहे थे। अचानक कुत्तों का हमला होने से अफरा-तफरी मच गई। इस बीच कुत्तों के हमले का एक वीडियो भी प्रसारित हुआ है।
टेंपो स्टैंड पर खड़े होने की जगह नहीं है। इसको लेकर लोगों को परेशानी होती है। चिकन बिरयानी की दुकानों के बाहर आवारा कुत्तों का अक्सर जमावड़ा रहता है। कांवड़ पथ पर प्रतिदिन लोगों की भीड़ रहती है। कुत्ते हर दिन किसी न किसी को जख्मी कर रहे हैं। नगर पंचायत ने अभी तक कुत्ते पकड़वाने या फिर नसबंदी कराने का कोई प्रयास नहीं किया है।
कचहरी में कुत्ते और बंदरों का आतंक बहुत है। बंदर अधिवक्ताओं के चेंबरों से फाइलें उठाकर ले जाते हैं। नगर निगम में इसको लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। एग्जीक्यूटिव मीटिंग में बात करने के बाद निर्णय लिया जाएगा।
- आनंद मोहन गुप्ता, अध्यक्ष दी बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी
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