सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। जागरण
संवाद सहयोगी, ब्रजघाट (हापुड़)। तीर्थ नगरी ब्रजघाट स्थित जिस जमीन पर अंतरराज्यीय बस अड्डा प्रस्तावित है। वहां कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी थी, जिसको लेकर ग्रामीणों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की थी। इस घटनाक्रम से सरकारी भूमि को लेकर तंत्र की गंभीरता और निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे थे।
किसान विक्रांत सिंह ने मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजे थे। जिसमें उल्लेख किया था कि 350 करोड़ रुपये से बनने वाले बस अड्डे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे 84 बीघा सरकारी जमीन चिन्हित की गई है। यह भूमि लंबे समय से उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के नाम दर्ज है। अब तक यहां बस अड्डे का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
ऐसे में कुछ भूमाफिया ने जमीन पर खेती शुरू कर दी है। अब तक कब्जाधारियों को न तो नोटिस दिया गया और न भूमि खाली कराने के लिए कोई कार्रवाई की गई है। लोगों का कहना है कि कब्जा नहीं हटवाया गया तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
वर्ष 2019 में सरकार ने एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक आइएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के निर्माण के लिए 84 बीघा जमीन चिन्हित की थी। यहां 350 करोड़ रुपये से यात्रियों के लिए एटीएम मशीन, आरओ वाटर, प्रतीक्षालय, शौचालय, पार्किंग समेत कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की योजना थी। उद्देश्य था कि यहां से देशभर के लिए रोडवेज बसों का नियमित संचालन हो सके, लेकिन योजना कागजों में ही सिमटकर रह गई।
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वहीं, आला अधिकारी के सज्ञान में मामला आने के बाद मंगलवार को तहसील प्रशाशन ने रोडवेज की भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया। |