अब छोटे भूखंड पर भी बनेंगे बड़े व्यावसायिक भवन (AI Generated Image)
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में अब छोटे जमीन के टुकड़ों पर भी बड़े व्यावसायिक भवन बनाए जा सकेंगे। इसके लिए पूरे राज्य में व्यावसायिक भवनों के सेटबैक (भवन के चारों ओर खुले क्षेत्र) को कम किया गया है, ताकि भूमि का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सके। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक में इसका निर्देश दिया है। इसको लेकर विभाग ने नीति भी बनाई है।
नई नीति के तहत अब राज्य के सभी शहरों में व्यावसायिक भवनों के लिए जमीन के 60 से 70 प्रतिशत क्षेत्र का इस्तेमाल किया जा सकेगा। पहले के प्रविधान के मुताबिक, भूमि के अधिकतम 40 प्रतिशत क्षेत्र पर ही भवन का निर्माण किया जा सकता था। इस नियम के कारण आधी से अधिक जमीन खाली छोड़नी पड़ती थी। अब करीब दो तिहाई जमीन का इस्तेमाल होने से व्यावसायिक भवन का क्षेत्रफल बढ़ेगा।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अब भूमि मालिक व्यावसायिक भवनों में अधिकतम भूमि का उपयोग करते हुए भवन निर्माण कर सकेंगे। सरकार की नई पहल के तहत यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि सबका सम्मान-जीवन आसान के संकल्प को पूरा किया जा सके।
राज्य सरकार के इस फैसले को शहरी विकास, निवेश प्रोत्साहन और कारोबार को गति देने के रूप में देखा जा रहा है। इस निर्णय का सबसे सीधा प्रभाव रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र पर पड़ेगा।
व्यावसायिक भूखंडों पर अधिक निर्माण की अनुमति मिलने से फैक्ट्री, कार्यालय, शोरूम, शापिंग मॉल, होटल और अन्य कारोबारी परिसरों का विकास तेजी से हो सकेगा। इससे न केवल जमीन का बेहतर उपयोग संभव होगा, बल्कि डेवलपर्स की लागत-लाभ गणना भी सुधरेगी। |