एडी-कोवेरियंस टावर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में होगा सहायक। फोटो-सोशल
संवाद सहयोगी, समस्तीपुर। पूसा डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, बिहार के सेंटर फार एडवांस्ड स्टडीज आन क्लाइमेट चेंज ने बुधवार को स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (एसएसी) इसरो के सहयोग से एक अत्याधुनिक एडी-कोवेरियंस टावर का उद्घाटन किया।
एडी-कोवेरियंस टावर एक अत्याधुनिक सुविधा है जो शोधकर्ताओं को वायुमंडल और भूमि सतह के बीच कार्बन डाइआक्साइड, जल वाष्प और ऊष्मा के आदान-प्रदान को मापने में सक्षम बनाती है। यह तकनीक जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए रणनीतियों को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. पीएस पांडेय ने कहा कि, एडी-कोवेरियंस टावर जलवायु परिवर्तन के चुनौतियों का सामना करने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सुविधा हमें वायुमंडल, मिट्टी और वनस्पति के बीच जटिल अंतःक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने और जलवायु-प्रतिरोधी कृषि प्रथाओं को विकसित करने में मदद करेगी।
निदेशक अनुसंधान डॉ. एके सिंह ने जलवायु परिवर्तन अनुसंधान में एडी-कोवेरियंस टावर के महत्व पर प्रकाश डाला। यह सुविधा हमें विभिन्न कृषि प्रणालियों की कार्बन सेक्वेस्ट्रेशन क्षमता को मापने और कार्बन सिंक को बढ़ाने के लिए रणनीतियों को विकसित करने में सक्षम बनाएगी। यह जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता निश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस सुविधा से उत्पन्न डाटा का उपयोग जलवायु समर्थित कृषि के लिए मॉडल और उपकरण विकसित करने के लिए किया जाएगा जो किसानों को बदलते जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बनाने में मदद करेगा। जलवायु परिवर्तन अनुसंधान को आगे बढ़ाने और कृषि क्षेत्र के लिए नवरी समाधान विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
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