अंबाला में छत से गिरने से मजदूर की मौत। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, अंबाला शहर। हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-10 निवासी 45 वर्षीय मजदूर प्रकाश की छत से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद सिविल अस्पताल में मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने शव को मोर्चरी में रखने से इनकार कर दिया और पोस्टमार्टम न करवाने की जिद पर अड़ गए। इमरजेंसी वार्ड में करीब 40 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार प्रकाश रोजाना की तरह सेक्टर-आठ स्थित एक मकान में लेबर का काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह छत से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल अंबाला शहर लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गए। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में देर शाम तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
समय पर इलाज मिलता तो बच जाती जान
मृतक के स्वजनों का आरोप है कि जब वे प्रकाश को अस्पताल लेकर पहुंचे, तब उसकी सांसें चल रही थीं। आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू करने के बजाय दस्तावेज मांगने शुरू कर दिए। मृतक के पुत्र सुरेश ने आरोप लगाया कि डाक्टर ने इलाज शुरू करने से पहले आधार कार्ड लाने को कहा, जिससे कीमती समय नष्ट हो गया और इसी लापरवाही के कारण उसके पिता की जान चली गई।
जमकर हुआ बवाल
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। शव को मोर्चरी में रखने से मना कर दिया गया और पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब मृतक की पत्नी रो-रोकर बेसुध हो गई और ट्रामा सेंटर के भीतर ही गिर पड़ी।
मौके पर मौजूद स्टाफ और चिकित्सकों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया। सूचना मिलने पर सेक्टर-नौ थाना प्रभारी सुनीता ढाका पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे लंबे समय तक अपनी मांगों पर अड़े रहे। इस दौरान इमरजेंसी में मरीजों और अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डॉक्टरों के अनुसार जब घायल को अस्पताल लाया गया, तब उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि परिजन लिखित शिकायत देते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - सुनीता ढाका, एसएचओ। |