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राज्य में 100 अन्य स्कूलों को सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) के रूप में विकसित किया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में 100 अन्य स्कूलों को सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस (उत्कृष्ट विद्यालय) के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों को छह माह के भीतर सीबीएसई से संबद्धता मिलने की उम्मीद है।
इनमें सीबीएसई की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही इस प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी है। इन प्रस्तावित स्कूलों का अधिकारी निरीक्षण कर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने गुरुवार को प्रस्तावित 100 सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस के संबंध में समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता उपस्थित थे।
अत्याधुनिक आधारभूत संरचना निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी
बैठक के दौरान निदेशक ने निर्देश दिया कि इन स्कूलों का फील्ड अनुश्रवण का कार्य 27 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूरा कर राज्य कार्यालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रस्तावित विद्यालयों में अत्याधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रस्तावित विद्यालयों का गहन निरीक्षण कर कक्षों के निर्माण की आवश्यकता, बुनियादी सुविधाओं (पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था), पाठ्य सामग्री की उपलब्धता, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल सुविधाओं एवं आईसीटी इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी आवश्यकताओं का यथार्थ आकलन करते हुए रिपोर्ट तैयार करें।
छह माह के भीतर सीबीएसई से मान्यता मिलने की संभावना
सभी प्रस्तावित सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस को आगामी छह माह के भीतर सीबीएसई से मान्यता मिलने की संभावना है। इसके लिए आवश्यक मानकों एवं प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 100 सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस की आधारभूत संरचना एवं अन्य सभी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। कहा कि सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माडल बनाया जाएगा।
ताकि ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी निजी स्कूलों की तरह शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बताते चलें कि राज्य में वर्तमान में 80 सीएम स्कूल आफ एक्सीलेंस संचालित हैं। |
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