संवाद सूत्र, बांका। बांका शहर को जाम की समस्या से बड़ी राहत दिलाने वाला बाईपास निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाईपास के निर्माण से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश लगभग पूरी तरह बंद हो जाएगा। जिससे आम लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी। खासकर बाजार क्षेत्र और मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम से निजात मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना पथ निर्माण विभाग द्वारा 160 करोड़ रुपये की लागत से कराई जा रही है। बाईपास की शुरुआत बांका-कटोरिया-मुख्य मार्ग झिरवा क्षेत्र से होगी और यह जोगडीहा के पास बांका-ढाका मोड़ सड़क में जाकर मिलेगी।
कुल सात किलोमीटर लंबे इस बाईपास की चौड़ाई 12 मीटर होने से दो लेन होगा। आगे इसकी और चौड़ाई बढ़ने की संभावना है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस बाईपास के अगले वर्ष 2027 के मार्च माह तक पूर्ण होने की संभावना है। निर्माण कार्य का जिम्मा बेगूसराय की एजेंसी हरि कंस्ट्रक्शन को दी गई है। संवेदक द्वारा बेलाटीकर सहित अन्य स्थानों पर पुल निर्माण का काम भी शुरू कर दिया गया है।
पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाईपास के तहत कुल 11 बड़े पुलों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा तीन दर्जन से अधिक छोटे-छोटे कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे। इसके बनने से बरसात के दिनों में जलनिकासी की समस्या नहीं होगी।
शहर में कम होगा भारी वाहनों का दवाब
पूर्व मंत्री सह स्थानीय विधायक रामनारायण मंडल ने कहा कि बाईपास के निर्माण से न केवल शहर के भीतर यातायात दबाव कम होगा, बल्कि जिले के विकास को भी नई गति मिलेगी। सरकार की पहल से आम से लेकर खास को इससे लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण काम करने का आदेश दिया गया है।
ज्ञात हो कि इसके बनने से व्यवसायियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों के लिए यह परियोजना बेहद लाभकारी साबित होगी। फिलहाल निर्माण कार्य को लेकर विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से परियोजना को पूरा किया जा सके।
बांका बाईपास निर्माण में 80 प्रतिशत रैयतों को मुआवजा
बांका बाईपास निर्माण के लिए जिन रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, उनमें से करीब 80 प्रतिशत रैयतों को अब मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि शेष भूमि मालिकों के मामले भी जल्द निपटाए जाएंगे। मुआवजा मिलने से प्रभावित रैयतों को आर्थिक राहत मिली है। रैयतों ने कहा कि अब वे अपने जीवन और खेती के कार्य को सुचारू रूप से जारी रख सकेंगे। |
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