घर पर हमले के दौरान बिखरा चावल और नावाडीह इलाके में आक्रामक दिखाई दे रहा एक हाथी। (फोटो जागरण)
जागरण संवाददाता, नावाडीह (बोकारो)। झारखंड के गिरिडीह से बोकारो जिले में भटकर आए चार जंगली हाथियों की गतिविधियों ने नावाडीह और बेरमो क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को यह झुंड नावाडीह प्रखंड की पोटसो पंचायत अंतर्गत गोरमारा जंगल में प्रवेश किया। इस दौरान एक हाथी झुंड से बिछड़कर गोरमारा जंगल में ही रह गया, जबकि तीन हाथी आगे बढ़ते हुए ऊपरघाट के बेलरगड़ा जंगल के रास्ते पोखरिया पंचायत के बोनखेतवा जंगल पहुंच गए।
सूचना मिलते ही नावाडीह और बेरमो वनक्षेत्र के वनपाल सक्रिय हो गए और हाथियों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रारंभिक सूचना में किसी बड़े नुकसान की बात सामने नहीं आई थी, लेकिन वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। अधिकारियों ने विशेष रूप से लोगों से हाथियों के पास न जाने, उन्हें उकसाने की कोशिश न करने और पटाखे या तेज आवाज वाले साधनों का प्रयोग नहीं करने की अपील की।
नावाडीह वनक्षेत्र के प्रभारी वनपाल दुर्योधन महतो के अनुसार झुंड से अलग हुआ हाथी असामान्य रूप से आक्रामक दिखाई दे रहा है और जंगल में तेजी से इधर-उधर घूम रहा है। वहीं तीन हाथियों की मौजूदगी बोनखेतवा जंगल में दर्ज की गई है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। सरस्वती पूजा के अवसर पर पंडालों में डीजे की आवाज बंद कर दी गई है, ताकि ध्वनि से हाथी भड़ककर आबादी की ओर न बढ़ें।
इसी बीच शुक्रवार रात करीब नौ बजे बोनखेतवा जंगल से निकले तीन हाथी पास के जरवा टोला पहुंच गए। वहां उन्होंने मिहीलाल मांझी और शिबू बास्के के कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया तथा घरों में रखा अनाज खा लिया। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घरों में मौजूद परिवारजन समय रहते पीछे के रास्ते से भाग निकले।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद हाथी दोबारा जंगल की ओर लौट गए, लेकिन क्षेत्र में दहशत कायम है। कई गांवों में लोग रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं। हाल के वर्षों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में हाथियों के झुंड के भटककर आबादी वाले इलाकों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष गंभीर रूप लेता जा रहा है। वन विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है। |
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