उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में एक बार फिर हलचल है। लंबे समय से हाशिए पर पड़े एक अफसर की ‘सुप्रीम वापसी’ की चर्चा सत्ता गलियारों से लेकर विभागीय बैठकों तक गूंज रही है। माना जा रहा है कि भारी दबाव और विवादों से गुजरने के बाद उनकी वापसी न सिर्फ प्रशासनिक समीकरण बदल सकती है, बल्कि कई अधिकारियों की भूमिकाएँ और साख भी नए सिरे से तय होने वाली हैं।
अभिषेक उपाध्याय-
क्या शानदार लिखा है नवभारत टाइम्स ने! चीफ की सुप्रीम वापसी।

NBT साफ़ लिखता है कि पूर्व चीफ सेक्रेटरी पर लगे आरोप और जांच, सब के सब उनके रसूख़ के पेपरवेट के आगे दम तोड गए!!
‘बटेंगे तो कटेंगे’ के पोस्टर वाले सिनेमा हॉल के भीतर कौन सी फिल्म चल रही है, सबको मालूम है!!
कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं, जिनके किरदार का नाम तो सब जानते हैं, पर निर्माता-निर्देशक के नाम पर सेंसर बोर्ड की कैंची चला दी जाती है!!

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