प्रतीकात्मक फोटो
संवाद सहयोगी, नजीबाबाद (बिजनौर): जिले में एक ही दिन में गुलदार के हमले के दो मामले सामने आए।
बिजनौर वन प्रभाग सामाजिक वानिकी की नजीबाबाद रेंज की टीम के साथ ग्राम अकबरपुर चौगांवा के गुलदार को रेस्क्यू करने गए डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह के पीछे गुलदार (leopard) तेजी से गुर्राता हुआ पीछे भाग लिया। इससे वनकर्मियों के होश उड़ गए।
सामाजिक वानिकी नजीबाबाद रेंज के ग्राम अकबरपुर चौगांवा से इस्सेपुर को जाने वाले रास्ते पर रेलवे ट्रैक के पास गुलदार अचानक शिकारी के जाल में फंस गया था। क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना रेंजर रामकुमार को दी तो उन्होंने डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह के साथ वनकर्मियों को गुलदार को रेस्क्यू करने के लिए भेज दिया।
टीम गुलदार को रेस्क्यू कर रही थी। इसी दौरान गुलदार गुर्राता हुआ जाल से निकलकर डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह की तरफ दौड़ा, तो अन्य वनकर्मी भी डर गए। हालांकि, तत्परता से प्रयास जारी रहे और टीम ने बामुश्किल गुलदार को रेस्क्यू कर पकड़ लिया।
रेंजर रामकुमार ने बताया कि गुलदार को सामाजिक वानिकी की पौधशाला जालपुर में पहुंचाया गया। वहां पर पशु चिकित्सकों ने उसका मेडिकल परीक्षण किया गया।
कावड़ियों पर गुलदार का हमला, बाल बाल बची जान
उधर चांदपुर क्षेत्र में बुधवार की देर रात अपने साथियों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर बुलंदशहर जा रहे पर शिवभक्त अनूप पर धनोरा मार्ग स्थित ग्राम बागड़पुर के निकट खेतों से दौड़ते हुए आए गुलदार ने अचानक हमला कर दिया।
गुलदार के गुर्राने और दौड़कर आने से कांवड़ियों में भी भगदड़ मच गई। कांवड़ियों ने शोर मचाते हुए ट्रार्च की रोशनी गुलदार पर मारी। उधर, काफी नजदीक आ चुके गुलदार कांवड़ियों के शोर मचाने से घबरा गया और वापस खेत में चला गया। कांवड़ियों ने घटना की जानकारी गांव बागड़पुर में चल रहे भंडारे में पहुंचकर ग्रामीणों को दी।
उधर, कांवड़ मार्ग पर गुलदार आने और हमला करने का प्रयास करने की सूचना पर मार्ग पर आ रहे अन्य कांवड़ियों को पीछे ही रोक दिया गया। शिवसेना नेता चौधरी वीर सिंह की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और गुलदार वाले स्थान पर खड़े होकर कांवड़ियों को वहां से पास कराया।
शिवसेना नेता का आरोप था कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तो मौके पर पहुंच गए, लेकिन वन विभाग के अधिकारी एक घंटे बाद मौके पर पहुंचे। |