search

डंकी रूट से अमेरिका के लिए निकले गुजरात के दो युवक, अजरबैजान में हुआ अपहरण; लाइव स्ट्रीम पर किया गया टॉर्चर

LHC0088 Yesterday 21:56 views 346
  

डंकी रूट से अमेरिका के लिए निकले गुजरात के दो युवक अजरबैजान में हुआ अपहरण (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात के आनंद जिले के दो लोग अमेरिका जाने के लिए गैरकानूनी रास्ते, जिसे \“डंकी रूट\“ कहा जाता है, उससे निकले थे। लेकिन यह सफर उनके लिए डरावना साबित हुआ। अजरबैजान की राजधानी बाकू में उन्हें अगवा कर लिया गया और बंधक बनाकर रखा गया। परिवार के अनुसार उन्हें एक सुनसान घर में कैद कर पीटा गया और किडनी निकालकर बेचने की धमकी दी गई।

22 साल के ध्रुव पटेल (झाखरिया गांव) और 32 साल की दीपीका पटेल (कंथारिया गांव) 30 जनवरी को भारत से निकले थे। मुंबई के कुछ एजेंटों ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वे उन्हें अमेरिका पहुंचा देंगे। 1 फरवरी को वे बाकू पहुंचे, जहां उतरने के कुछ ही समय बाद उनका अपहरण कर लिया गया।

परिवार और आनंद के सांसद मितेश पटेल के मुताबिक, दोनों को एक सुनसान मकान में बंद कर दिया गया। अमेरिका जाने की योजना वहीं खत्म हो गई और वे अपहरणकर्ताओं के चंगुल में फंस गए।
क्या है \“डंकी रूट\“?

\“डंकी रूट\“ उस गैरकानूनी रास्ते को कहा जाता है, जिसके जरिए लोग कई देशों से होकर अवैध रूप से अमेरिका या उत्तरी अमेरिका पहुंचने की कोशिश करते हैं। एजेंट मोटी रकम लेकर सुरक्षित पहुंचाने का वादा करते हैं, लेकिन कई बार लोग धोखाधड़ी और अपराध का शिकार हो जाते हैं।

परिवार के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया। कॉल के दौरान ध्रुव को परिवार के सामने पीटा गया। अपहरणकर्ताओं ने फिरौती मांगी और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं मिले तो दोनों की हत्या कर देंगे या उनकी किडनी निकालकर बेच देंगे।

परिजनों ने बताया कि उन्होंने कुल 65 लाख रुपये नकद और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए दिए। इसके बावजूद आरोप है कि अपहरणकर्ताओं की मांगें जारी रहीं। मंगलवार को सांसद मितेश पटेल ने वीडियो बयान में कहा कि दो दिन पहले दोनों के माता-पिता उनसे मिले थे और उन्होंने पूरी घटना बताई थी। उन्होंने कहा कि फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।
सांसद ने की केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

मितेश पटेल ने बताया कि जानकारी मिलते ही वे दिल्ली पहुंचे और संसद सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर मामला उठाया। उन्होंने इसे बेहद दुखद घटना बताया और तुरंत कार्रवाई की मांग की।
24 घंटे में रेस्क्यू, \“ऑपरेशन महीसागर\“ नाम दिया गया

सांसद के अनुसार विदेश मंत्रालय ने तुरंत अजरबैजान में भारतीय दूतावास से संपर्क किया। कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के बाद 24 घंटे के भीतर दोनों को छुड़ाकर बाकू स्थित भारतीय दूतावास लाया गया। इस रेस्क्यू अभियान को स्थानीय तौर पर \“ऑपरेशन महीसागर\“ नाम दिया गया है। हालांकि भारत सरकार ने अभियान की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

फिलहाल ध्रुव और दीपीका भारतीय दूतावास की सुरक्षा में हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भारत वापस लाया जाएगा। ध्रुव के पिता ने सरकार और सांसद का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके बच्चों को नई जिंदगी मिली है।
एजेंटों और गैंग पर जांच जारी

जानकारी के मुताबिक \“बाबा खान\“ नाम का एक ईरानी व्यक्ति और उसका साथी पवन रॉकी इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरोह पहले भी गुजरात के युवाओं को विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी कर चुका है।

आनंद पुलिस मुंबई के पांच एजेंटों की तलाश कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर अमेरिका पहुंचाने का वादा किया था। अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी पर आरोप तय नहीं हुए हैं, लेकिन जांच जारी है।

\“FIR करो या सदस्यता लो, मैं नहीं डरूंगा\“, ट्रेड डील पर राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर निशाना
like (0)
LHC0088Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
LHC0088

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
158761