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दिल्ली, पुणे और कानपुर... देश के बड़े लग्जरी कार हादसे; कहां तक पहुंची जांच?

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1999 से अब तक नहीं थम रहे लग्जरी कारों से होने वाले एक्सीडेंट (फोटो-पीटीआई)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लग्जरी कार, पावर और फीचर्स का एक शानदार कॉम्बिनेशन होती हैं। लेकिन इन कारों की कमांड गलत लोगों के हाथ में आने से दर्दनाक हादसे भी देखने को मिले हैं।

यातायात नियम और सख्त कानून के बावजूद लग्जरी कारों से होने वाली घटनाएं अक्सर ही सामने आती हैं। इन हादसों में मासूम और निर्दोष लोगों की जान चली जाती है।
लग्जरी कारों से होने वाले हादसे

हिट एंड रन के ऐसे मामलों में, जहां कोई व्यक्ति लापरवाही से गाड़ी चलाने के जुर्म में किसी की मौत का कारण बनता है, उस पर कोर्ट 10 साल तक की जेल और 7 लाख रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है।
10 करोड़ की लेम्बोर्गिनी ने 6 लोगों को किया घायल

कानपुर के ग्वालटोली इलाके में रविवार 8 फरवरी की दोपहर VIP रोड पर, तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा ने कथित तौर पर तेज स्पीड में 10 करोड़ रुपये की लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो चलाई। इस टक्कर में छह लोग घायल हो गए।

एक्सीडेंट के बाद, शिवम मिश्रा ने भागने की कोशिश की। वहीं उनके प्राइवेट बाउंसरों ने उन्हें मौके से निकालने की कोशिश की। बाद में CCTV फुटेज सामने आया जिसमें सुरक्षाकर्मी उन्हें ड्राइवर की सीट से खींचते हुए दिख रहे थे, हालांकि उनके वकील ने दावा किया है कि उस समय मिश्रा नहीं, बल्कि एक किराए का ड्राइवर गाड़ी चला रहा था।

पुलिस ने लेम्बोर्गिनी जब्त कर ली है। CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयानों की जांच की जा रही है और कथित देरी और खास ट्रीटमेंट को लेकर लोगों के गुस्से के बीच जांच जारी है। 20 हजार के बॉन्ड पर शिवम को बेल दी गई है। साथ ही कोर्ट ने रिमांड की मांग भी खारिज कर दी है।

  
BMW ने ली छह लोगों की जान

10 जनवरी, 1999 को BMW E38 ने तीन पुलिस ऑफिसर समेत छह लोगों की जान ले ली। दिल्ली में हिट एंड रन क्रैश का यह मामला सामने आया था।

इस मामले में नेवी चीफ के पोते और मशहूर हथियार डीलर सुरेश नंदा के बेटे संजीव नंदा का नाम सामने आया था, जिसमें उनकी BMW कार ने लोधी रोड पर सात लोगों को टक्कर मार दी थी, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी।

2008 में, ट्रायल कोर्ट ने नंदा को IPC की धारा 304(II) के तहत दोषी ठहराया और उसे पांच साल की सजा सुनाई। नंदा के वकील की अपील पर 2009 में दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा को IPC की धारा 304A में कम कर दिया और नंदा को दो साल की सजा सुनाई।

2012 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की सजा को बहाल किया, लेकिन दो साल की कम की गई सजा को बरकरार रखा। नंदा को जेल वापस जाने से छूट दी, साथ ही उसे मोटर दुर्घटना पीड़ितों के लिए यूनियन ऑफ इंडिया को 50 लाख रुपये देने और दो साल की कम्युनिटी सर्विस करने का निर्देश दिया।
नाबालिग ने नशे में चलाई पोर्श

19 मई, 2024 को पुणे के कल्याणी नगर इलाके में, 17 साल के लड़के ने नशे में अपने पिता की पोर्श चलाई और एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो IT प्रोफेशनल, अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की जान चली गई।

एक्सीडेंट के कुछ घंटों बाद, जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने नाबालिग को हल्की शर्तों के साथ बेल दे दी, जिसमें यह भी शामिल था कि वह सड़क हादसों पर 300 शब्दों का निबंध लिखे।

JJB के फैसले से लोगों में आक्रोश था, जिसके बाद फैसले को वापस लिया गया और बेल ऑर्डर कैंसिल कर नाबालिग को ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया।

  
बांद्रा-वर्ली में BMW ने महिला को घसीटा

शिवसेना नेता के 24 साल के बेटे मिहिर शाह को 9 जुलाई, 2024 को मुंबई के वर्ली इलाके में अपनी BMW से एक टू-व्हीलर को टक्कर मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस एक्सीडेंट में कावेरी नखवा (45) की मौत हो गई और उनके पति प्रदीप नखवा घायल हो गए।

प्रॉसिक्यूशन के मुताबिक, टक्कर के बाद शाह नहीं रुके और कथित तौर पर बांद्रा-वर्ली सी लिंक की तरफ गाड़ी तेज़ी से भगाई। महिला कथित तौर पर कार के बोनट पर घसीटी गई और फिर 1.5 किलोमीटर से ज़्यादा दूर तक उसके पहियों में फंस गई।

शाह के ड्राइवर, राजऋषि बिदावत, जो घटना के समय गाड़ी में मौजूद थे, को एक्सीडेंट वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

केस का स्टेटस: मिहिर शाह और ड्राइवर दोनों अभी ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में मिहिर शाह की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया था।
लेम्बोर्गिनी ने दो मजदूरों को मारी टक्कर

30 मार्च, 2025 को, नोएडा के सेक्टर 94 में एक अंडर-कंस्ट्रक्शन कॉम्प्लेक्स के पास फुटपाथ पर लाल रंग की लेम्बोर्गिनी ने दो पैदल चलने वालों को टक्कर मार दी।

इस हादसे के बाद जब वहां मौजूद लोगों ने ड्राइवर से सवाल किया कि क्या तुम्हें पता है कि यहां कितने लोग मरे हैं? इस पर ड्राइवर बेपरवाही से एक सवाल पूछता है, क्या यहां कोई मरा भी है।

घायल मजदूरों को इलाज के लिए पास के हॉस्पिटल ले जाया गया और बताया गया कि वे खतरे से बाहर हैं। घटना के ठीक एक दिन बाद 31 मार्च, 2025 को आरोपी दीपक को नोएडा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से बेल मिल गई।

यह भी पढ़ें- बेंगलुरु में हाईवे पर बाइक से टक्कर के बाद कैंटर से भिड़ी कार, 7 लोगों की मौत
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