search

गुटखा लाने के विवाद में दर्ज एससी-एसटी केस रद करने को दायर याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में खारिज

Chikheang 7 hour(s) ago views 607
  

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की फाइल फोटो।



विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुटखा लाने के विवाद में जाति सूचक अपशब्द कहने के आरोप में दर्ज हुए एससी-एसटी केस को रद करने के लिए दायर अपील खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार (दशम) की एकल पीठ ने दिया है।
कन्नोज निवासी इसरार अहमद ने मांग की थी

कन्नौज निवासी इसरार अहमद ने आपराधिक अपील में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी अधिनियम) के 21 दिसंबर 2023 को पारित समन आदेश और इससे पहले दायर चार्ज शीट रद करने की मांग की थी। अपीलार्थी के खिलाफ छिबरामऊ थाने में एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है।
उसके वकील ने क्या कहा?

उसके वकील का कहना था कि शिकायतकर्ता वेद प्रकाश उर्फ अंजू के पोते और आवेदक के बीच विवाद तब हुआ जब अपीलार्थी ने पोते से दुकान से कुछ गुटखा लाने के लिए कहा। साधारण मामला था, जिसे आपराधिक रंग दिया गया है। घटना के तीन दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता बोले

शिकायतकर्ता के वकील ने कहा, वादी मुकदमा के पोते को अपीलकर्ता ने दुकान से गुटखा लाने के लिए कहा था। जब घायल प्रमोद कुमार ने इस व्यवहार का विरोध किया तो अपीलार्थी और अन्य आरोपियों ने उसे गालियां दीं और हमला किया। जातिगत अपशब्दों का भी प्रयोग किया। इसलिए, निचली अदालत द्वारा पारित आदेश में कोई कमी नहीं है। परिस्थितियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि प्रमोद कुमार पर केवल इसलिए हमला किया गया क्योंकि वह एससी/एसटी समुदाय का सदस्य है।

यह भी पढ़ें- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में चार वर्षीय बीए-बीएड में प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, परीक्षा का शेड्यूल भी जारी

यह भी पढ़ें- विवाह उपरांत किसी की जाति नहीं बदलती, भले ही धर्म बदल ले, इलाहाबाद हाई कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणी
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1610K

Credits

Forum Veteran

Credits
161709