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पुलिस से झड़प मामले में शिअद नेता मजीठिया की बढ़ी मुश्किलें, अब चंडीगढ़ कोर्ट में चलेगा केस

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आय से अधिक संपत्ति के मामले में कुछ दिन पहले जेल से बाहर आए हैं बिक्रम सिंह मजीठिया।



रवि अटवाल, चंडीगढ़। आय से अधिक संपत्ति के मामले में कुछ दिन पहले जेल से बाहर आए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस से झड़प मामले में उनके खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत में केस चलेगा। पांच साल पुराने मुकदमे की कार्रवाई शुरू हो गई है।

वर्ष 2021 में मजीठिया समेत अकाली दल के 20 से ज्यादा नेताओं के खिलाफ चंडीगढ़ में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 186, 353, 332 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। इस केस में करीब डेढ़ साल से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने रोक लगा रखी थी। अब हाईकोर्ट की रोक हट गई है और केस में शामिल नेताओं के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई शुरू होगी।

डेढ़ साल पहले पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री डाॅ. दलजीत सिंह चीमा और महेशइंद्र सिंह ग्रेवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद करने की मांग की थी। डाॅ.चीमा और ग्रेवाल भी इस केस में आरोपित थे। उनकी याचिका के बाद हाईकोर्ट ने फैसला आने तक जिला अदालत में चल रहे मामले में आरोप तय किए जाने पर रोक लगा दी थी।

हाईकोर्ट ने डाॅ. चीमा और ग्रेवाल की याचिका को मंजूर करते हुए 29 नवंबर 2025 को उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद कर दिया। हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद जिला अदालत में चल रहे मामले पर लगी रोक भी हट गई है। अब चीमा और ग्रेवाल का नाम तो केस से बाहर हो गया लेकिन बाकी आरोपितों के खिलाफ केस चलेगा।

अब मामले में बाकी बचे नेताओं के खिलाफ आरोप तय किए जाने पर बहस होगी। अब मामले की सुनवाई 23 फरवरी को होगी। इस मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई थी, लेकिन मजीठिया समेत कई नेता पेश नहीं हुए। उनकी ओर से एडवोकेट राजेश कुमार ने पेशी से छूट दिए जाने की अर्जी दायर की।

उन्होंने कहा कि अकाली दल की एक अहम बैठक के लिए उन्हें अमृतसर जाना पड़ रहा है। इस कारण वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि वह अगली तारीख पर पेश होंगे। ऐसे में जज ने भी उन्हें शुक्रवार के लिए पेशी से छूट दे दी। अब मामले की सुनवाई 23 फरवरी को होगी।
मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे

तीन साल पहले सेक्टर-3 थाना पुलिस ने इस मामले में जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में मजीठिया के अलावा पंजाब के कई अन्य नेताओं के भी नाम हैं। वर्ष 2021 में अकाली दल के कई नेता पंजाब में महंगाई और 1984 दंगों के विरोध में चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए यूटी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर नाकाबंदी की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर पुलिस कार्य में बाधा डाली और सरकारी आदेश का उल्लंघन किया था।

आरोप के मुताबिक प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई थी जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। ऐसे में सेक्टर-3 थाना पुलिस ने कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया और इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी।
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