निर्वासित तिब्बती सरकार के फिर से प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग।
जागरण संवादददाता, धर्मशाला। पेंपा सेरिंग निर्वासित तिब्बती सरकार के लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री होंगे। निर्वासित तिब्बती चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त लोबसांग यशी ने निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में पेंपा सेरिंग के प्रधानमंत्री बनाए जाने की घोषणा की है। निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री व 18वीं तिब्बती निर्वासित संसद सदस्यों के लिए प्रथम चरण का मतदान पहली फरवरी को हुआ था।
प्रथम चरण के मतदान के बाद घोषित परिणामों में पेंपा सेरिंग ने 60 प्रतिशत से उपर मत प्राप्त किए। बता दें कि निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री व चुनाव लड़ने वाले संसद सदस्य किसी उम्मीदवार को प्रारंभिक दौर में कुल वोटों का 60 प्रतिशत से अधिक प्राप्त होता है, तो उस सदस्य के लिए दूसरे चरण का मतदान नहीं होता। वह पहले ही चरण में विजेता घोषित हो जाता है।
चुनाव आयोग ने की घोषणा
ऐसे में चुनाव आयोग ने मौजूदा प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग को निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में निर्वाचित घोषित किया, क्योंकि उन्हें कुल वोटों का 61.025 प्रतिशत प्राप्त हुआ था।
103 उम्मीदवार थे मैदान में
निर्वासित तिब्बती चुनाव आयोग ने बताया कि प्रधानमंत्री पद के लिए प्रथम चरण के चुनाव में कुल 51,140 तिब्बतियों ने भाग लिया, जिसमें 103 उम्मीदवार मैदान में थे। जिसमें मौजूदा प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग के प्रतिद्वंदी दूसरे स्थान पर केलसांग दोरजी और सेरिंग फुंटसोक को क्रमश 17,843 और 159 वोट मिले।
संसद सदस्यों के लिए होगा मतदान
अब निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्यों के लिए दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। निर्वासित तिब्बती चुनाव आयोग के मुताबिक संसद सदस्य की उम्मीदवारी वापस लेने के लिए 30 दिन का समय देने के बाद, तिब्बती संसद के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित सीटों की संख्या के तीन गुना से कम उम्मीदवारों का चयन नहीं करेगा।
तीन पारंपरिक प्रांतों से 30 उम्मीदवारों का चयन
चुनाव आयोग ने तिब्बत के तीन पारंपरिक प्रांतों से 30-30 उम्मीदवारों का चयन किया है, जिसमें तिब्बती बौद्ध धर्म और बोन धर्म के चार संप्रदायों, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, और यूरोप और अफ्रीका से 6-6 और आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड (भारत, नेपाल और भूटान को छोड़कर) से 3 उम्मीदवारों का चयन किया।
28 तक नाम वापस ले सकेंगे उम्मीदवार
चुनाव आयोग के मुताबिक जो प्रत्याशी अपनी उम्मीदवारी वापस लेना चाहते हैं, वह 28 फरवरी तक चुनाव आयोग को लिखित अनुरोध प्रस्तुत करके ऐसा कर सकते हैं। वहीं निर्वासित तिब्बती संसद के 18वें सत्र के उम्मीदवारों को 27 फरवरी तक अपने संबंधित स्थानीय चुनाव आयोग के माध्यम से चुनाव आयोग को पुष्टि पत्र जमा करके अपनी उम्मीदवारी की पुष्टि करनी होगी।
प्रोफेसर सामदोंग रिनपोछे व डा. लोबसांग 10 दस वर्ष रहे हैं प्रधानमंत्री
निर्वासित तिब्बती सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में प्रोफेसर सामदोंगे रिनपोछे व डा. लोबसांग सांग्ये का कार्यकाल 10 वर्ष का रह चुका है। प्रोफेसर समदोंग रिनपोछे 2001 से 2011 व डा. लोगसांग सांग्ये 2011 से 2021 तक प्रधानमंत्री रह चुके हैं, जबकि अब पेंपा सेरिंग दूसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। वह 2021 में पहली बार प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए थे।
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