जागरण संवाददाता, रांची। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री व विशेष संपर्क प्रमुख अम्बरीश सिंह ने कहा आज समाज भेदमुक्त हिंदू के रूप में खड़ा हो रहा है। श्रीराम मंदिर का भव्य निर्माण के साथ-साथ कुंभ में करोड़ों लोगों का एक साथ स्नान करना जीवंत उदाहरण है।
हिंदू समाज के अंदर श्रद्धा कैसे धुमिल हो, इस पर विभिन्न प्रकार से कुविचार को प्रतिस्थापित करने का प्रयास हो रहा है। संत, अर्चक, पुरोहित जैसे समाज को हिंदू समाज के बीच में ही उनके कार्यों के प्रति चलचित्र, इंटरनेट मीडिया सहित अन्य माध्यमों से विरोधाभास खड़ा करने का षड्यंत्र व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। इससे सतर्क रहने की जरूरत है।
वह शनिवार को रांची के होटल ग्रीन होराइजन के सभागार में आयोजित विहिप की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में धर्मरक्षानिधि, श्रीरामोत्सव, श्रीहनुमान जयंती, डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, विशेष संपर्क एवं विमर्श विषय पर समाज के प्रबुद्धजनों की भूमिका, वार्षिक प्रशिक्षण वर्ग सहित कई कार्यक्रम के संदर्भ में विचार-विमर्श कर योजना बनाई गई।
कांची के शंकराचार्य के द्वारा शंकर नेत्रालय, माता आनंदमयी अम्मा के द्वारा हजारों सेवा के कार्य चलाए जा रहे हैं, लेकिन यह समाज के बीच चर्चा का विषय नहीं बनाया जाता है, जिस कारण कुविचार परोसने वाले तंत्र हिंदू समाज के लोगों को नीचा दिखाने में कसर नहीं छोड़ते।
उन्होंने कहा आज देश में जनसंख्या वृद्धि तो हो रही है, लेकिन हिंदू की जनसंख्या लगातार गिर रही है। यह जनसंख्या असंतुलन देश के अंदर रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण हो रहा है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के खतरे का संदेश दे रहा है। उन्होंने मतांतरण के बाद मिलने वाले सरकारी सुविधा के बारे में कहा कि कोई ईसाई बन जाता है तो उसे अल्पसंख्यक एवं जनजाति दोनों का लाभ मिलता है, यह भारत के मूल जनजातियों के लिए ठीक नहीं है।
बैठक में क्षेत्र मंत्री डॉ. बिरेंद्र साहु, क्षेत्र संगठन मंत्री आनंद पांडेय, प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, प्रांत मंत्री मिथिलेश्वर मिश्र, गंगा प्रसाद यादव, चितरंजन कुमार, मनोज पोद्दार, रामनरेश सिंह, प्रांत बजरंग दल संयोजक रंगनाथ महतो, देव सिंह, संतोष कुमार, कौशल कुमार सिंह, राकेश दुबे, शाश्वत झा, अर्चित सिसोदिया आदि उपस्थित रहे। |