हिसार में कृषि प्रदर्शनी मेले में 320 कंपनिया पहुंची (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार में सिरसा रोड स्थित उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र) में तीन दिवसीय कृषि प्रदर्शनी का शनिवार से शुभारंभ हुआ। मुख्यातिथि कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा व विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने रिबन काटकर शुभारंभ किया।
टीटीसी के निदेशक डा. मुकेश जैन व अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। प्रदर्शनी में हाइड्रोजन से उड़ने वाले ड्रोन को लांच किया गया। मुख्य अतिथि ने इस ड्रोन को किसानों के लिए उपयोगी बताया। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, सुभाष बराला व अन्य अतिथियों ने मेले का भ्रमण किया।
उन्होंने बताया कि आज का युग मशीनरी का युग है। इस कृषि मेले में किसानों के लिए खेती से संबंधित विभिन्न जानकारियां है। कहा मेले में अधिक संख्या में किसानों को आना चाहिए। मेले में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश से 35 हजार से अधिक किसान पहले दिन पहुंचे। करीब 320 कंपनियों ने स्टाल्स लगाई थी।
किसानों ने कृषि संबंधित लोन की सुविधा, खेती संबंधित मशीनरी, मिट्टी की गुणवत्ता, छूट, उन्नत बीज, कीटनाशक, उर्वरक, नए कृषि यंत्रों की जानकारी ली। कई कलाकारों ने हरियाणवी, पंजाबी सहित अन्य गानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी। पेस्टीसाइड, बीज, टायर, पाइप, कृषि यंत्र, बाइक, फूड प्रोडक्ट से संबंधी कंपनियां पहुंची है।
मेले में एक कंपनी ने गमट्री उत्पाद पेश किया। इसमें एक कागज की कई रंग की शीट होती है। जिस पर ग्लू लगा होता है। इसे खेत में डंडे के सहारे कई जगह लगाया जाता है। रंगों से आकर्षित होकर इस पर कीट पतंगें आ कर चिपक जाते है। इस शीट का ग्लू 3 से 4 महीने तक रहता है। जिससे कीट पतंगों से काफी हद तक छुटकारा मिलता है। एक एकड़ में इसकी लागत 500 रुपये से भी कम की है।
कृषि प्रदर्शनी में हाइड्रोजन से उड़ने वाले ड्रोन ने किसानों को खूब आकर्षित किया। यह ड्रोन अगले महीने से किसानों को मिल सकेगा। इस ड्रोन दो प्रकार के सिलेंडर में उपलब्ध रहेगा। एक तीन किलो व दूसरा पांच किलो सिलिंडर में उपलब्ध करवाया गया है। इसे एक बार में लगातार तीन घंटे तक उड़ाया जा सकता है।
10 से 50 किलो तक वजन उठाने की क्षमता है। इसे सर्विलांस में भी उपयोग किया जा सकता है। एक किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ाया जा सकता है। जिससे इसे पहाड़ी एरिया में भी काम लिया जा सकता है। इसकी लागत 15 से 20 लाख रुपये तक है। इससे 5 से 7 मिनट में एक एकड़ में छिड़काव किया जा सकता है। इसके टैंक की क्षमता 10 लीटर है।
मेले में अहमदाबाद की कंपनी के ग्रीन टायर ने सबका ध्यान आकर्षित किया। अब तक आप लोगों ने ट्रैक्टरों व अन्य गाड़ियों के सिर्फ काले टायर्स ही देखे होंगे। लेकिन मेले में हरा रंगे का ट्रैक्टर का टायर पेश किया। कंपनी से शुभम शुक्ला ने बताया कि ग्रीन टायर में कार्बन नहीं होता, जिससे यह प्रदूषण से बचाता है। यह इंको फ्रेंडली टायर है। इसमें सिलिकन होता है। यह काले रंग के टायर्स के मुकाबले 40 प्रतिशत अधिक चलता है। इसे हरियाणा में पहली बार इस मेले में लांच किया गया।
मेले में पंजाब की एक कंपनी ने आल इन वन मल्टी क्राप थ्रेशर को भी प्रदर्शित किया। इसकी खासियत यह है कि यह गेहूं, मक्का, मटर, सोयाबीन, कलौंजी, मस्टर्ड, विभिन्न प्रकार की दालों को बिलकुल सफाई से निकाल सकता है। इसकी कीमत 10 लाख रुपये है। कई बड़े किसानों ने इसकी बुकिंग करवाई है। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने किया मेले में जेके टायर के टायर श्रेष्ठ प्लस को भी लांच किया। |