संवाद सूत्र, जागरण बागपत। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से देश का किसान बर्बाद हो जाएगा। वहां से आने वाले पशु आहार से भी हमारी धार्मिक भावनाएं भी आहत होगी। यह देश ऋषि और कृषि दोनों पद्धति पर चलेगा।
भाकियू प्रवक्ता रविवार रात जिवाना के नीलकंठ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर किसान व पशुपालक तो निपटा दिया। अगर बाहर से दूध आएगा तो वे यहां 25 रूपये लीटर तक गांव में देश में बेचेंगे।
फिर हमारे किसानों का क्या होगा, जो भूमिहीन महिलाएं हैं पशुपालन करती हैं उनका क्या होगा। इस तरह मिल्क प्रोडक्ट आने से यहां का पशुपालन खत्म हो जाएगा। इसी तरह से टर्की में भी यूरोप से दूध आने पर वहां पशु खत्म हो गए। जो वहां से पशु आहार आएगा मिल्क आएगा वह वेजीटेरियन नहीं है, वह नॉन वेजिटेरियन है।
वहां पशुओं को भी गाय का मांस खिलाते हैं। जिससे हमारी धार्मिक भावनाएं आहत होगी। उन्होंने कहा कि इस सरकार को धार्मिक भावनाओं से कोई मतलब नहीं है सरोकार नहीं है। यहां पर जीरो परसेंट टैरिफ पर उनका सामान आएगा। जिससे मध्य प्रदेश का सोयाबीन का व मक्का का किसान, हिमाचल, उत्तराखंड व जम्मू कश्मीर का सेब का किसान खत्म होगा।
फ्रूट, ग्रेन और मिल्क इन तीन चीजों का भारत का किसान बर्बाद होगा। स्कूल कॉलेज में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए। भाकियू की भविष्य की क्या रणनीति है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर स्थानीय पदाधिकारी बैठके कर रहे हैं। जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इसके बाद उन्होंने गौरव टिकैत के साथ सिद्धगुरु महाराज से आशीष प्राप्त किया। |
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