प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, इटावा। फेसबुक पर हुई दोस्ती के जरिए साइबर ठग ने एक प्रॉपर्टी डीलर को जमीन में निवेश का झांसा देकर साढ़े 10 लाख रुपये की ठगी कर ली। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तब तक आरोपित ने नंबर ब्लॉक कर लिया। पीड़ित की तहरीर पर साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बकेवर क्षेत्र के सुनवर्सा निवासी गणेश त्रिपाठी ने बताया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। 26 नवंबर 2025 की शाम करीब उनके फेसबुक मैसेंजर पर दर्शिनी स्वामी नाम की महिला का संदेश आया। प्रोफाइल चेक करने पर वह खुद को बैंगलुरू निवासी और एक कंपनी में आइटी मैनेजर बता रही थी। कुछ दिनों तक मैसेंजर पर सामान्य बातचीत होती रही, इसके बाद एक दिसंबर को उसने अपना व्हाट्सएप नंबर साझा किया और वहीं से बातचीत आगे बढ़ने लगी।
व्हाट्सएप चैट के दौरान महिला ने बताया कि वह नौकरी छोड़कर बैंगलुरू में प्रॉपर्टी का कारोबार शुरू करना चाहती है और इस काम में साझेदारी कर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। जमीन सस्ते दामों पर मिल रही है और भविष्य में सरकारी योजना आने पर कीमतें बढ़ जाएंगी।
उसकी बातों में आकर गणेश त्रिपाठी निवेश के लिए तैयार हो गए। इसके बाद सात जनवरी से महिला ने प्रॉपर्टी का एडवांस देने के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। शुरूआत में पीड़ित ने अलग-अलग यूपीआई आईडी पर किस्तों में रकम ट्रांसफर की। फिर स्टांप और अन्य खर्चों का हवाला देकर तीन लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से एक बैंक खाते में जमा कराए गए।
7 जनवरी से 29 जनवरी के बीच कई बार में अलग-अलग खातों और आईडी पर कुल 10 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में महिला ने पैसे मांगे कि जमीन बेचने वाली पार्टी को किसी अन्य व्यक्ति ने अधिक एडवांस दे दिया है और सौदा बचाने के लिए अतिरिक्त रकम की जरूरत है।
30 जनवरी के बाद अचानक महिला ने व्हाट्सएप पर उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। तब गणेश त्रिपाठी को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने पहुंचकर पूरी घटना की तहरीर दी। साइबर पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
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