मप्र विधानसभा का दृश्य।
राज्य ब्यूरो, भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र (Madhya Pradesh budget 2026-27) सोमवार से शुरू हो गया। सदन में कार्यवाही का पहला दिन ही विपक्ष के जोरदार हंगामें की भेंट चढ़ गया। राज्यपाल के अभिभाषण में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लोगों की हुई मौत का उल्लेख न होने पर कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया।
सोमवार को सदन में जैसे ही राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण शुरू हुआ, उसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस के सभी विधानसभा सदस्य सदन में खड़े होकर विरोध करने लगे।
सदन की कार्यवाही स्थगित
कांग्रेस विधायक इंदौर के भागीरथपुरा कांड का राज्यपाल के अभिभाषण में उल्लेख नहीं होने से नाराज दिखे और हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस सदस्यों का हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन से बाहर निकले कांग्रेस के विधायकों ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सच्चाई से कोसों दूर था। जहरीले कफ सीरप से बच्चे मर गए। सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित जल से मौतें हो गईं, पर कोई उल्लेख तक नहीं।
मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग
कांग्रेस सदस्यों का कहना था कि उन्होंने भागीरथपुरा कांड को लेकर मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग उठाई। लेकिन अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने निर्देश दिए कि कार्यवाही में केवल अभिभाषण शामिल होगा। कांग्रेस के सोहनलाल बाल्मीक ने कहा कि संसद में राहुल गांधी और यहां पर हमें बोलने नहीं दिया जा रहा है।
तीन आपराधिक मंत्री सदन में बैठे हैं : पटवारी
वहीं, इससे पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि आज मध्य प्रदेश का बजट सत्र शुरू हो रहा है और तीन आपराधिक मंत्री सदन में बैठे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य मध्य प्रदेश के लिए और कुछ नहीं हो सकता।
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हालांकि इस बात का पहले से अनुमान लगाया जा रहा था कि इस 12 बैठकों वाले सत्र में इंदौर के दूषित जल कांड, जहरीले कफ सीरप और सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह की अशालीन टिप्पणी पर कार्रवाई न होने, कानून-व्यवस्था सहित अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा हो सकता है।
दस स्थगन, 236 ध्यानाकर्षण के प्रस्ताव
बजट सत्र के लिए विधायकों ने 1,750 तारांकित और 1,728 अतारांकित प्रश्न लगाए हैं। 10 स्थगन, 236 ध्यानाकर्षण, 41 अशासकीय संकल्प और 83 शून्यकाल की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुई हैं। |