संवाद सूत्र, लखीमपुर। जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत नोटिस वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी है, उन्हें शनिवार से निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (इआरओ) की ओर से दो पेज का नोटिस दिया जाएगा। पहले पेज पर कारणों का उल्लेख होगा, जबकि दूसरे पेज पर 13 प्रमाण पत्रों की सूची दी गई है, जिनमें से कोई एक दस्तावेज घोषणा पत्र के साथ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
जिले में करीब 3.12 लाख मतदाता ऐसे चिन्हित हुए हैं, जिनका विवरण वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहा है। दादा-दादी या पिता के नाम में अंतर, उम्र में विसंगति तथा अन्य विवरणों में भिन्नता के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
नोटिस जारी होने के न्यूनतम सात दिन बाद सुनवाई की तिथि निर्धारित की जाएगी। इस दौरान संबंधित मतदाता को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (इआरओ) या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एइआरओ) के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। जवाब न देने की स्थिति में नाम विलोपन की कार्रवाई भी संभव है।
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभागीय साफ्टवेयर में डाटा फीडिंग और आवश्यक संशोधन किए जा रहे हैं। बीएलओ स्वयं संबंधित मतदाताओं के घर पहुंचकर नोटिस सौंपेंगे और दस्तावेज प्राप्त करेंगे। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
सात दिन में दें जवाब, दस्तावेज अवश्य प्रस्तुत करें: एडीएम
एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए हैं, वे सात दिन के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है।
यह भी पढ़ें- लखीमपुर खीरी में किसानों को मचान खेती पर मिलेगी सब्सिडी, बढ़ेगी सब्जी उत्पादकों की आय |