बोर्ड परीक्षा को लेकर चुन्नीगंज राजकीय बालिका इंटर कालेज में बने कंट्रोल रूम में काम करती शिक्षिकाएं। जागरण
जागरण संवाददाता, कानपुर। उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो जाएंगी। जिले में 10वीं व 12वीं के 92,444 परीक्षार्थी सुबह और दोपहर की पाली में हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षा देंगे।
प्रयागराज, लखनऊ और जीजीआइसी चुन्नीगंज में बने आनलाइन कंट्रोल रूम से 124 केंद्रों में हर कमरे में लगे सीसी कैमरों से निगरानी की जाएगी। जीआइसी, चुन्नीगंज में बने आफलाइन निगरानी केंद्र में टीमें सक्रिय रहेंगी। नौ जोनल, 16 सेक्टर, 124 स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित सचल दल केंद्रों का औचक निरीक्षण कर परीक्षा की पारदर्शिता को जांचेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पूरे दिन डीआइओएस डा संतोष कुमार राय, सह जिला विद्यालय निरीक्षक प्रशान्त कुमार द्विवेदी तैयारियों की समीक्षा करने में व्यस्त रहे।
बुधवार को पहली पाली सुबह 8:30 बजे से सुबह 11:45 बजे तक 10वीं में 46,430 परीक्षार्थी हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षा में शामिल हाेंगे। जबकि दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 5:15 बजे तक की पाली में 12वीं के 46,014 परीक्षार्थी पेपर देंगे। जिले के 124 केंद्रो में सुबह और दोपहर की पाली में कुल 92,444 परीक्षार्थी हिंदी व सामान्य हिंदी की परीक्षा देंगे।
सभी केंद्रों पर सीसीटीवी की सतत निगरानी, प्रकाश, पेयजल, शौचालय, बैठने की पर्याप्त व्यवस्था व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं, विद्यार्थियाें को परीक्षा केंद्र पर एक घंटे पहले पहुंचने और साथ में प्रवेश पत्र, दो तरह के कई पेन, पेंसिल आदि साथ रखने की सलाह दी है। परीक्षार्थी केंद्र में मोबाइल या कोई निषिद्ध सामग्री न ले जाएं।
गंभीर अपराध की श्रेणी में माना जाएगा ओएमआर में छेड़छाड़, प्रश्नपत्र लीक करना
उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो जाएंगी। नए अधिनियम में प्रश्नपत्र लीक या साझा करने, उत्तर पुस्तिका या ओएमआर में छेड़छाड़, अभ्यर्थी की जगह दूसरे को बैठाना, परीक्षा सर्वर, डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़, संगठित साल्वर गिरोह चलाना जैसे मामला मिला तो उसे गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में एक करोड़ रुपये का जुर्माना, एक वर्ष तक की जेल के साथ लापरवाही करने वाले केंद्र को हमेशा के लिए डिबार करने जैसे सख्त प्रविधान शामिल हैं। शासन और यूपी बोर्ड ने फैसला लिया है कि इस वर्ष की बोर्ड परीक्षा में 1998 के अनुचित साधन निवारण कानून के अंतर्गत कार्रवाई नहीं की जाएगी, बल्कि उससे अधिक सख्त उप्र सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 को लागू कर दिया है। इस कारण इस वर्ष परीक्षा में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त और तकनीकी निगरानी में रहेगी।
शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्रविधानों से अधिकारियों, प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को अवगत कराकर परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, आनलाइन एवं आफलाइन कंट्रोल रूम प्रभारी व सचल दल प्रभारियों को जिम्मेदारी से परीक्षा कराने के लिए कहा है। आनलाइन और आफलाइन कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों में एक एक कमरे में बैठे परीक्षार्थियों की निगरानी के लिए टीम गठित कर दी गई है।
डा. संतोष कुमार राय, डीआइओएस।
बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए जारी की गई सलाह
- परीक्षार्थी एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र में पहुंचें।
- प्रवेश पत्र और स्कूल पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखें।
- बैग और जेबें जांच लें, कोई पर्ची या नोट्स न हों।
- मोबाइल, स्मार्ट घड़ी, कैलकुलेटर जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरण बिल्कुल न ले जाएं।
- सीट पर बैठने से पहले आसपास अवांछित कागज न होने की जांच कर लें।
- कापी मिलने पर नाम, रोल नंबर और अन्य विवरण साफ और सावधानी से भरें।
- उत्तरपुस्तिका में कोई पेज फटा हो तो फाैरन कक्ष निरीक्षक को सूचित करें।
- बी या सी कापी ली हो तो अंत में उसे भी सही तरीके से नत्थी करें।
आंकड़े एक नजर में : यूपी बोर्ड परीक्षा 2025
विवरण संख्या / जानकारी
परीक्षा अवधि
18 फरवरी से 12 मार्च
10वीं के परीक्षार्थी
46,430
12वीं के परीक्षार्थी
46,014
कुल परीक्षार्थी
92,444
राजकीय माध्यमिक विद्यालय
07
एडेड माध्यमिक विद्यालय
73
वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालय
44
कुल परीक्षा केंद्र
124
जोनल मजिस्ट्रेट
09
सेक्टर मजिस्ट्रेट
16
स्टैटिक मजिस्ट्रेट
124
केंद्र व्यवस्थापक
124
बाह्य केंद्र व्यवस्थापक
124
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