जागरण संवाददाता, पटना। राज्य में शहरी आधारभूत संरचना परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि राज्य में 39 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें से 21 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 13 योजनाएं क्रियान्वित हैं तथा शेष छह योजनाओं को मानसून 2026 से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पटना के दीघा व कंकड़बाग, रोहतास जिले के डेहरी, भागलपुर, बेगूसराय व हाजीपुर में एसटीपी निर्माण कार्य जून तक पूरा कर लिया जाएगा। पूर्ण परियोजनाओं के संचालन एवं रखरखाव (ओ एंड एम) की निगरानी तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।
इस दौरान नमामि गंगे परियोजना, स्टार्म वाटर ड्रेनेज योजना, जलापूर्ति योजनाओं और विद्युत शवदाह गृह निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया।
जियो टैग तस्वीरों एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रियल टाइम मानिटरिंग लागू है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अब योजनाओं की निगरानी पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि डिजिटल माध्यमों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय से ही वीडियो काल के जरिए परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाए।
संचालन एजेंसियों में कार्यरत कर्मियों का नाम, पदनाम, शैक्षणिक योग्यता और मोबाइल नंबर सहित विस्तृत सूची विभाग को उपलब्ध कराने तथा उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की प्रभावी निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर दो उड़नदस्ता टीमों के गठन का निर्णय लिया गया। इन टीमों का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और शिकायतों की संभावना को समाप्त करना है। उपमुख्यमंत्री ने विभागीय उड़नदस्ता टीम द्वारा अब तक जांची गई योजनाओं की सूची प्रस्तुत करने को कहा और निरीक्षण प्रणाली को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।
इंजीनियरों की कमी दूर करने के निर्देश
बुडको प्रबंध निदेशक द्वारा इंजीनियरों की कमी की ओर ध्यान दिलाए जाने पर उपमुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार इंजीनियरों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग से उनकी सेवाएं ली जा सकें। उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य की शहरी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयसीमा से कोई समझौता नहीं होगा। |
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