बटाडू, हाईमैक्स, गैलिसिया और एक्वा ब्रांड के पानी में मिला है बैक्टीरिया, यीस्ट व मोल्ड। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड की पुष्टि के बाद चार ब्रांड के पानी की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही संचालकों के खिलाफ वाद दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन ब्रांड के पानी की थोक व फुटकर बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सहायक आयुक्त डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सहजनवा में श्री कान्हा इंडस्ट्रीज के बटाडू, देवकृपा फूड के हाईमैक्स, जीके फूड के गैलिसिया और नौसढ़ में अजय नीर उद्योग के एक्वा ब्रांड के पानी का नमूना लिया गया था।
पानी में बैक्टीरिया, यीस्ट और मोल्ड के नुकसान मिलने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद इन ब्रांड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। राजकीय विश्लेषणशाला से प्राप्त रिपोर्ट में यह पानी असुरक्षित मिला है।
यह रोग होते हैं
- बैक्टीरिया - दूषित पानी से पेट दर्द, दस्त, उल्टी, हैजा और टायफाइड जैसे गंभीर रोगों का खतरा होता है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है।
- मोल्ड/फफूंद - पानी की बोतलों या नमी वाली जगहों पर उगने वाली फफूंद से एलर्जी, छींक आना, खांसी, आंखों में खुजली और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। यह एक चिपचिपी परत (बायोफिल्म) भी बना सकती है।
- यीस्ट - पानी में मौजूद यीस्ट संक्रमण का कारण बन सकते हैं और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए अधिक जोखिम भरे हैं।
लंबे समय तक दूषित पानी के सेवन से किडनी, लिवर और फेफड़ों को स्थायी नुकसान हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वालों के लिए यह पानी खतरनाक है।
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टीम गठित, शुरू होगा मिलावटी खाद्य पदार्थ के खिलाफ अभियान
होली के पहले मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग अभियान चलाएगा। इसके लिए टीम का गठन किया जा रहा है। दैनिक जागरण के अंक में मंगलवार को खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने कई टीमों का गठन कर जांच अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अभियान गुरुवार से शुरू होने की उम्मीद है।
यदि किसी दुकान, होटल, ढाबे या रेस्टोरेंट पर इन असुरक्षित ब्रांड्स का स्टाक या बिक्री मिली तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धाराओं के तहत भारी अर्थदंड एवं विधिक अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। विभाग की ओर से गठित टीमें सघन जांच अभियान चलाएंगी। जिला प्रशासन एवं खाद्य विभाग जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी इकाई के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए कार्रवाई जारी रखेगा। -
-डाॅ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन |