फरीदाबाद अग्निकांड घटना में झुलसे नागरिक। जागरण
अनिल बेताब, फरीदाबाद। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ डिपार्टमेंट का दावा है कि सिविल हॉस्पिटल और दूसरे हेल्थ सेंटर्स पर हेल्थकेयर सर्विस पूरी तरह फ्री दी जाती हैं। हैरानी की बात है कि जब भी कोई एक्सीडेंट होता है, तो सिविल हॉस्पिटल में जलने वाले लोगों को भी फ्री इलाज नहीं मिलता। उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। उनसे बेड चार्ज भी लिए जाते हैं।
सोमवार शाम को मुजेसर में केमिकल ड्रम फटने से झुलसे लोगों के इलाज को लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट की कार्यप्रणाली जांच के दायरे में आ गई है। इस घटना में 50 लोग झुलस गए थे। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल गए, जबकि कुछ सिविल हॉस्पिटल आए।
शीशपाल के नाम से काटी गई हजार रुपये की रसीद। जागरण
हॉस्पिटल में भर्ती कई मरीजों से हर दिन ₹500 बेड चार्ज लिया जा रहा है। जो लोग डिस्चार्ज हो चुके हैं, उनसे भी इतना ही चार्ज लिया जा रहा है। जो लोग अभी भी एडमिट हैं, उनके रिश्तेदारों से कहा गया है कि डिस्चार्ज होने पर उन्हें हर दिन ₹500 बेड चार्ज के तौर पर जमा करने होंगे।
इससे डॉक्टरों और अधिकारियों के काम करने के तरीके पर सवाल उठते हैं। खेड़ी कलां निवासी विपिन कुमार, मुजेसर निवासी रविंद्र और गुल्लड़ ने कन्फर्म किया कि उन्हें बताया गया था कि डिस्चार्ज होने पर उन्हें बेड चार्ज देना होगा। यह तब है जब घटना के बाद हॉस्पिटल पहुंचे सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. विकास गोयल ने साफ कहा था कि सभी को उनकी दवाएं हॉस्पिटल से ही मिलेंगी।
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कोई बेड चार्ज नहीं लिया जाएगा। सभी घायलों का पूरी तरह से फ्री इलाज होगा। NIT MLA सतीश फागना, जो मंगलवार शाम को सिविल हॉस्पिटल में जलने वालों के बारे में जानकारी लेने गए थे, उन्होंने भी हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों से कहा कि सभी को फ्री इलाज मिलना चाहिए।
उनसे बेड चार्ज लिया गया, लेकिन दवाएं नहीं दी गईं
सोमवार शाम को हुई इस घटना में मुजेसर के लोग जल गए थे। वे दो दिन तक ICU में रहे। बुधवार को जब उन्हें डिस्चार्ज किया गया, तो उनसे बेड चार्ज के लिए 1,000 रुपये लिए गए। शीशपाल के बेटे रोहित ने बताया कि उन्होंने 1,500 रुपये की दवाएं बाहर से खरीदी थीं। हॉस्पिटल सभी दवाएं नहीं दे पाया।
बेड चार्ज पर MLA नाराज
MLA सतीश फागना ने जलने वाले लोगों से बेड चार्ज लेने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों से बात करेंगे। जलने वाले लोगों से बेड चार्ज नहीं लिया जाएगा। अगर चार्ज लिया गया है, तो वह वापस कर दिया जाएगा।
CMO से बात नहीं हो सकी
CMO डॉ. जयंत आहूजा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए।
फरीदाबाद जन संघर्ष समिति आगे आई
फरीदाबाद जन संघर्ष समिति ने इस घटना को लेकर एक मीटिंग की। मजदूर संगठन के नेता संजय मौर्य ने कहा कि ऐसी घटनाओं में जलने वालों को मुफ्त इलाज मिलना चाहिए। उन्होंने सभी घायलों के लिए मुआवजे की मांग की। मजदूर संगठन के नेता बेचू गिरी, भोजपुरी अवधी समाज के अध्यक्ष रघुवर दयाल, पूर्व पार्षद दयाशंकर गिरी, रंजना, कविता, मनोज, बृज किशोर झा, गुलाब सिंह, विष्णु और संजीव कुशवाहा ने कहा कि सिविल अस्पताल में जलने वाले लोगों से बेड चार्ज नहीं लिया जाना चाहिए।
उच्च अधिकारियों ने साफ आदेश दिया है कि ऐसी घटनाओं में किसी भी पीड़ित से कोई फीस नहीं ली जानी चाहिए। इलाज में कहां कमी रही और किसकी गलती थी, इसकी जांच की जाएगी। - डॉ. विकास गोयल, सीनियर मेडिकल ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट सिविल बादशाह खान हॉस्पिटल।
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