बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। हाल ही में लॉन्च हुई बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग (BRPL) केवल एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि किसी के जीवन के अनुभवों और गहरी सोच का परिणाम है। इसे बनाने के लिए संस्थापकों को प्रेरणा उन बचपन के दिनों से मिली, जब वे छोटे मैदानों और भीड़भाड़ वाली गलियों में टेनिस बॉल क्रिकेट खेला करते थे, साथ ही बीआरपीएल को और भी खास बनाता है इसका संतुलित ढांचा।
इस बारे में बताते हुए लीग के सह संस्थापक एवं सीईओ सुशील शर्मा ने कहा कि बचपन में मैं भी देश के हजारों बच्चों की तरह छोटे मैदानों और गलियों में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलता था। मेरे भीतर जुनून था, विश्वास था और खुद को साबित करने की भूख थी। हर मैच मेरे लिए खास होता था और हर रन मुझे एक बड़े सपने के करीब ले जाता था।
कौन ले सकता है इस लीग में हिस्सा?
हालांकि, इस जुनून के बावजूद हमेशा एक महत्वपूर्ण कमी बनी रही, जो था एक सही मंच। प्रतिभा दिखाने के लिए कोई संरचित अवसर नहीं था, न कोई पहचान और न आगे बढ़ने का स्पष्ट रास्ता। समय के साथ मुझे एहसास हुआ कि केवल प्रतिभा काफी नहीं होती। सपनों को दिशा चाहिए, कौशल को पहचान चाहिए और जुनून को अवसर चाहिए। बीआरपीएल में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक और अर्ध पेशेवर क्रिकेटर भाग ले सकते हैं। यह लीग भारत के 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के खिलाडि़यों के लिए खुली है।
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