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राज्य ब्यूरो, पटना। शराबबंदी से जुड़े प्रश्न अब सदन में कुछ तेज आवाज मेंं गूंजने लगे हैं। मंगलवार को यह आवाज विधानसभा में गूंजी और बुधवार को विधान परिषद मेंं।
ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर चर्चा मेंं भाग लेते हुए राजद के विधान पार्षद विनोद कुमार जायसवाल ने शराबबंदी के साइड इफेक्ट का उल्लेख करते हुए इसे दोतरफा नुकसानदेह बताया। कानून की समीक्षा का आग्रह किया।
कहा कि शराब पर प्रतिबंध के बाद सूखे नशे का सेवन बढ़ गया है। युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही और शराब तस्कर मालामाल हो रहे। शराब की होम डिलीवरी हो रही है। इससे राजस्व को भी नुकसान हो रहा। फुलवारीशरीफ में एक शैक्षणिक संस्थान की छत से शराब बरामद हुई।
ऐसे में कानून के अमल की वस्तुस्थिति का आकलन आवश्यक हो गया है। होम डिलीवरी पर भाजपा के अनिल कुमार ने राजद की ओर अंगुली उठाई। चुनौती देते हुए विनोद ने कहा कि सरकार जांच करा ले। जो दोषी है, अपराधी है, उसे सजा दी जाए। रोका किसने है! पलटवार पर अनिल चुप लगा गए।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा में सत्ता पक्ष की ओर से माधव आनंद ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की थी, जो चार विधायकों वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सदस्य हैं।
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